Mallikarjun Kharge Gujarat Water Crisis: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरात की बीजेपी सरकार पर 27-28 साल के शासन में “झूठे दावों और प्रचार” का आरोप लगाया है। X पर पोस्ट में उन्होंने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के कई गांवों में पानी दूषित पाया गया। उनका दावा है कि करीब 89% पानी के नमूने पीने योग्य नहीं मिले। खड़गे ने तंज कसते हुए कहा कि PM मोदी का ‘हर घर जल’ का दावा दूषित पानी में बह गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2004 में, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के CM थे, तब ‘सुजलाम-सुफलाम’ योजना का खूब प्रचार हुआ, लेकिन आज भी लोग पानी की एक बूंद के लिए परेशान हैं। खड़गे के मुताबिक CAG ने 2022 में बीजेपी सरकार के 100% नल कनेक्शन के दावे पर सवाल उठाए और 14 लाख परिवारों के अब भी पानी का इंतजार करने की बात सामने आई।
धोलका में 54 मौतों का भी किया जिक्र
खड़गे ने दावा किया कि पिछले सप्ताह अहमदाबाद के धोलका में दूषित पानी पीने से कैंसर के कारण 54 लोगों की मौत की खबर सामने आई। उन्होंने कहा कि सौराष्ट्र के कई हिस्सों में लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। राजकोट और जामनगर में पानी की कमी के साथ कच्छ-सौराष्ट्र के किसान सूखे से जूझ रहे हैं।
‘न सुजलम, न सुफलाम’
खड़गे ने कहा कि गुजरात को 2047 तक विकसित भारत का सपना दिखाया जा रहा है, जबकि BJP के लंबे शासन में जनता को कथित तौर पर गुमराह किया गया। उन्होंने तंज किया कि राज्य में अब न ‘सुजलम’ यानी साफ पानी है, न ‘सुफलाम’ यानी भरपूर उपज। शुक्रवार को गुजरात विधानसभा के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन पेश CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में देरी, वित्तीय अनियमितताओं और पानी की गुणवत्ता जांच में कमियों का उल्लेख किया गया।
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