उत्तर प्रदेश

हिंडन श्मशान घाट पर मोबाइल की रोशनी में हुआ जिला जज का अंतिम संस्कार: प्रकाश व्यवस्था की कमी ने उठाए सवाल

Ghaziabad News : गाजियाबाद के हिंडन श्मशान घाट पर बीती रात एक दुखद और शर्मनाक घटना सामने आई, जब जिला जज आशीष गर्ग के आकस्मिक निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार मोबाइल फोन की रोशनी में करना पड़ा। इस दौरान कई न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अफसर, और अधिवक्ता मौजूद थे। माननीय हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति और अन्य जिलों के जिला जज भी इस अवसर पर उपस्थित थे, लेकिन श्मशान घाट की बदहाल प्रकाश व्यवस्था ने सभी को निराश किया। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

नगर निगर पर सवाल

नगर निगम ने हिंडन श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया है। इसके बावजूद, श्मशान घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव रहा। ऐसी स्थिति में, जहां एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी का अंतिम संस्कार हो रहा था, मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ा। यह घटना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नगर निगम की प्राथमिकताएं और कार्यान्वयन में कितनी कमी है। श्मशान घाट, जो अंतिम विदाई का पवित्र स्थल है, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव निंदनीय है।

जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

मौके पर मौजूद लोगों ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया। कई ने जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह सवाल उठता है कि जब नगर निगम ने सौंदर्यीकरण के नाम पर इतना बजट खर्च किया, तो क्या वह केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित था? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी इस बात की जांच की कि खर्च किए गए धन का वास्तव में क्या उपयोग हुआ? यह घटना गाजियाबाद नगर निगम की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है।

अंतिम संस्कार के दौरान हुई लापरवाही

जिला जज आशीष गर्ग के निधन से न्यायिक और प्रशासनिक समुदाय में शोक की लहर है। उनके अंतिम संस्कार के दौरान हुई इस लापरवाही ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया। प्रशासन को चाहिए कि वह इस घटना को गंभीरता से ले और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करे। साथ ही, श्मशान घाट की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक स्थिति से बचा जा सके।

Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

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