दिल्ली/NCR

दिल्ली में यमुना सफाई और प्रदूषण नियंत्रण, क्या बन पाएंगे ये बड़े वादे हकीकत?

Delhi Government: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के 10 महीनों के कार्यकाल का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। उन्होंने कहा कि जनकल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे का विकास और यमुना नदी की सफाई सरकार की शीर्ष प्राथमिकताएं रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक जड़ता और विरासत में मिली नकारात्मकता सरकार के सामने बड़ी चुनौती रही।

क्या हुआ है बदलाव

सक्सेना ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक 6.72 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें 2.62 लाख वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘वय वंदना कार्ड’ शामिल हैं। राजधानी में 383 आयुष्मान आरोग्य केंद्र सक्रिय किए गए हैं, जो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए दिल्ली सरकार ने 28,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया। इसमें नई सड़कें और फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है। नंद नगरी फ्लाईओवर समय से पहले तैयार हो चुका है, जबकि बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर मई तक पूरा होने की उम्मीद है।

स्वच्छ हवा प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार?

यमुना नदी की सफाई को लेकर उपराज्यपाल ने बताया कि फरवरी 2025 में कार्यभार संभालने के बाद सरकार ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य स्वच्छता परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। हालांकि इस दौरान आम आदमी पार्टी के कई विधायकों ने चर्चा में हस्तक्षेप करने की कोशिश की, जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन से बाहर करवा दिया। वायु प्रदूषण पर भी सरकार पूरी तरह सक्रिय है। उपराज्यपाल ने बताया कि राजधानी में स्वच्छ हवा प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत दिल्ली में 6 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं।

पराली जलाने की घटनाएं

पराली जलाने की घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है। 2025 में दिल्ली में पराली जलाने की घटनाएं शून्य दर्ज की गईं। इसके अलावा, परिवहन क्षेत्र में सुधार के लिए 1450 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी गईं, और 3 ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। धूल प्रदूषण को कम करने के लिए जल छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन और बड़ी संख्या में लिटर-पिकर मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। प्रदूषण कम करने के लिए 3,000 इलेक्ट्रिक हीटर वितरित किए गए हैं, और होलंबी कला में एक इको-वेस्ट पार्क बनाने की योजना है।

राजधानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि यह सत्र राजधानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विधायकों से रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा करने का आह्वान किया और विशेष रूप से वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाएं और मिलकर समाधान की दिशा में काम करें।

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Shagun Chaurasia

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