Yogendra Upadhyay spoke from the platform of Gyanodaya Conclave News India 24×7
Gyanodaya Conclave : उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधारों पर मंथन और भविष्य की दिशा तय करने हेतु ‘ज्ञानोदय प्रदेश कॉन्क्लेव 2025’ का मंच सज चुका है. इस मंच पर प्रदेश के तीनों शिक्षा मंत्री Yogendra Upadhyay (उच्च शिक्षा मंत्री), गुलाब देवी (माध्यमिक शिक्षा मंत्री) और संदीप सिंह (बेसिक शिक्षा मंत्री) के साथ-साथ अन्य मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति, देश-प्रदेश के प्रमुख शिक्षा नीति निर्माता और शिक्षाविद मौजूद है. इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर खुलकर चर्चा की और भविष्य में होने वाले संभावित बदलावों को लेकर अपने विचार रखे.
मंच से बोलते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं. आज सरकारी स्कूलों की स्थिति इतनी बेहतर हो गई है कि वे कई जगह निजी स्कूलों की बराबरी कर रहे हैं और कहीं-कहीं उनसे आगे भी निकल चुके हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने CSR फंड्स और पूर्व छात्रों (Alumni) को जोड़कर जर्जर स्कूलों के पुनर्निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. साथ ही पुराने संस्थानों को अपनी जमीन का व्यवसायिक उपयोग करने की अनुमति दी गई है ताकि उससे होने वाली आय मरम्मत और विकास में खर्च की जा सके.
मंच पर युवाओं की सबसे बड़ी चिंता रोजगार को लेकर है. इस पर मंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि बीते दिनों 801 प्रवक्ताओं की नियुक्ति हाल ही में पूरी की गई है. 2002 प्रवक्ताओं की एडेड कॉलेजों में नियुक्ति हुई. 200 अध्यापकों की नियुक्ति अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में हुई. 2000 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रारंभ की जा चुकी है. उन्होंने यह भी बताया कि अब भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी और सुचिता पूर्ण प्रक्रिया से हो रही हैं.
योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि अब हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में छात्रों के लिए कैरियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेल की व्यवस्था की जा रही है. निजी विश्वविद्यालयों को भी सरकारी पोर्टल ‘समर्थ’ से जोड़ा जा रहा है ताकि फर्जी डिग्रियों और विसंगतियों पर रोक लगे.
योगी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश में केवल 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि आज हर कमिश्नरी में कम से कम एक सरकारी विश्वविद्यालय है. साथ ही 49 निजी विश्वविद्यालय भी स्थापित किए जा चुके हैं.नई उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति 2024 के तहत पिछड़े जिलों में विश्वविद्यालय खोलने पर विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं. पिछले 8 वर्षों में ही 71 नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं, जो पिछले 100 वर्षों की तुलना में बड़ी उपलब्धि है.
योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे संस्कार और राष्ट्रवाद से भी जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पुरानी शिक्षा व्यवस्था काले अंग्रेज पैदा कर रही थी. छात्र शिक्षित तो हो रहे थे लेकिन उनमें नैतिकता और संस्कार की कमी थी. नई शिक्षा नीति का उद्देश्य है कि शिक्षा को रोजगार, तकनीक और संस्कार तीनों से जोड़ा जाए. विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा युवाओं को राष्ट्रवाद और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ेगी.
सोशल मीडिया के प्रभाव पर मंत्री ने कहा कि यह जागरूकता भी फैलाता है और नफरत भी. देशविरोधी गतिविधियों के लिए केवल सोशल मीडिया नहीं,परिवार भी जिम्मेदार है. अभिभावकों को सतर्क रहना होगा ताकि बच्चे गलत राह पर न जाएं.
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