Opposition Alliance News: उत्तर प्रदेश की सियासत में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गठबंधन की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। कानपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी BJP को यूपी में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने को तैयार है। उन्होंने राज्य के तमाम विपक्षी दलों से AIMIM के साथ गठबंधन करने की अपील करते हुए चुनाव के बाद शिकायत करने के बजाय अभी साथ आने की बात कही।
'मेरी खामोशी को कमजोरी न समझें'
ओवैसी ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और अन्य गैर-भाजपा दलों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनकी सुलह की कोशिशों को कोई कमजोरी न समझे। उन्होंने कहा, “अगर किसी राजनीतिक दल के लोग मेरे बार-बार दिए जा रहे बयानों को कमजोरी का संकेत समझने की भूल कर रहे हैं, तो मैं बेहद सम्मान के साथ कहना चाहता हूं यह खामोशी केवल तूफान से पहले की शांति है। इसे हमारी कमजोरी मत समझिए... हम आपके साथ हाथ मिलाने को तैयार हैं।"
अखिलेश यादव पर ओवैसी का तीखा हमला
ओवैसी ने बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि AIMIM ने सिर्फ 6 सीटें मांगकर एकजुट चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन विपक्षी दलों ने उनका मजाक उड़ाया और झूठे आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने सीमांचल में AIMIM के खिलाफ प्रचार के लिए अपनी पार्टी के 3-4 मुस्लिम सांसदों को मैदान में उतारा था। लेकिन सीमांचल की जनता, खासकर माताओं-बहनों और बेटियों ने एकजुट होकर उनके झूठे दावों को खारिज कर दिया और AIMIM के पक्ष में
2 अक्टूबर तक फैसला लो, नहीं तो बाद में रोना मत
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति स्पष्ट करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सभी विपक्षी दलों को 2 अक्टूबर तक फैसला लेने की समयसीमा दी है। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद रोना मत। हम 2 अक्टूबर तक इंतजार करेंगे, उसके बाद जिसके साथ भी गठबंधन करेंगे, उसी दिन ऐलान कर देंगे और उत्तर प्रदेश का चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेंगे। कानपुर से दिए गए इस बयान के सियासी मायने गहरे हैं। यह मुस्लिम मतदाताओं के ध्रुवीकरण और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। ओवैसी ने गेंद सपा, बसपा और कांग्रेस के पाले में डाल दी है। अब देखना होगा कि विपक्षी दल AIMIM के प्रस्ताव पर विचार करते हैं या पार्टी अपने दम पर या नए सहयोगियों के साथ मैदान में उतरती है।

