Saturday, Sep 26

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अयोध्या में 15 करोड़ की जमीन पर एक्टर अमिताभ के पिता के नाम पर बनेगा धर्मशाला

Ayodhya Dharamshala:अयोध्या से अमिताभ बच्चन का जुड़ाव अब एक खास पहल के जरिए और गहरा होने जा रहा है। महानायक अपने दिवंगत पिता और मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन की याद में रामनगरी में एक मेमोरियल धर्मशाला बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) में नक्शे की मंजूरी के लिए आवेदन किया गया है। बताया जा रहा है कि धर्मशाला में 20 से ज्यादा कमरे होंगे, जहां अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।

15 करोड़ की जमीन पर बनेगा मेमोरियल

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में करीब 15 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी थी। यह जमीन दशरथ पथ के किनारे ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट में स्थित है। अब इसी जमीन पर उनके पिता हरिवंश राय बच्चन की याद में मेमोरियल धर्मशाला बनाने की योजना है। प्रस्तावित इमारत में 20 से ज्यादा कमरे होंगे, जहां अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

15 दिन में दर्ज करानी होंगी आपत्तियां

अमिताभ बच्चन की प्रस्तावित धर्मशाला का निर्माण फिलहाल अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने नक्शे को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां दर्ज कराने को कहा है। ADA के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने भी आवेदन मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 20 से ज्यादा कमरों वाली धर्मशाला का नक्शा फिलहाल सार्वजनिक आपत्तियों के लिए खुला है। आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राधिकरण नियमानुसार नक्शे पर आगे की कार्रवाई करेगा। मंजूरी मिलने के बाद अक्टूबर में निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।

श्रद्धालुओं को भी मिल सकती है ठहरने की सुविधा

प्रस्तावित धर्मशाला को सिर्फ हरिवंश राय बच्चन की स्मृति से जुड़े स्मारक के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भी ठहरने की सुविधा मिल सकती है। ADA अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की परियोजनाओं से शहर में आने वाले लोगों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार हो सकता है। अयोध्या में बढ़ती धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के बीच ठहरने की सुविधाओं को बढ़ाना भी शहर के विकास का हिस्सा है। ऐसे में अमिताभ बच्चन की यह पहल उनके पिता की स्मृति और अयोध्या आने वाले लोगों की जरूरत, दोनों से जुड़ी नजर आती है।

‘मधुशाला’ से मिली खास पहचान

अमिताभ बच्चन के पिता डॉ. हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों और अनुवादकों में गिने जाते हैं। उनकी सबसे चर्चित कृतियों में ‘मधुशाला’ शामिल है, जिसका प्रकाशन 1935 में हुआ था। साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। हरिवंश राय बच्चन ने अंग्रेजी साहित्य की कई महत्वपूर्ण रचनाओं का हिंदी में अनुवाद किया, जिनमें विलियम शेक्सपियर के नाटकों के अनुवाद भी शामिल हैं।