Azamgarh 5 murders case: आजमगढ़ में मंगलवार देर रात हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। पत्नी और दो पंडितों को गोली मारने के बाद आरोपी ने अपने ही तीन बच्चों को बंधक बना लिया और पुलिस से बचने की कोशिश की। भागते वक्त एनकाउंटर में गोली लगने से आरोपी घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। इस दौरान उसके बेटे को भी गोली लगी थी, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घर में पूजा को लेकर भड़का था अरविंद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरविंद सिंह के घर में तीन-चार दिनों से पूजा चल रही थी। मंगलवार शाम करीब 6-7 बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। उस वक्त घर में तीन पंडित, उसकी पत्नी बबीता और बच्चे मौजूद थे। पूजा देखकर अरविंद ने पंडितों से जानकारी ली और इसके बाद उनका आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहस शुरू हो गई।
लाइसेंसी पिस्टल से की फायरिंग, पत्नी और दो पंडितों की मौत
आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद सिंह ने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। कुछ देर बाद तीनों ने दम तोड़ दिया। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग गए। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भाई की हत्या के बाद तनाव में था अरविंद
बताया जा रहा है कि अरविंद के बड़े भाई गुड्डू सिंह की कई साल पहले आपसी रंजिश में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से अरविंद तनाव में रहने लगा था। उसकी पत्नी शांतिपाठ समेत अन्य पूजा कराना चाहती थीं, जिसका अरविंद विरोध कर रहा था। घटना के बाद पुलिस ने मौके से हथियार और फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए और आगे की कार्रवाई शुरू की।
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