Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के शंभूपुर में हुए हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद की एक लंबी कहानी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले की कड़ियां साल 2015 में दर्ज कराए गए एक मुकदमे और 2018 में हुई अरविंद सिंह के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या से जुड़ी हैं। मंगलवार को पूजा के दौरान विवाद बढ़ने के बाद अरविंद ने कथित तौर पर अपनी पत्नी बबीता सिंह और दो पुजारियों पर गोलियां चला दीं।
2015 के मुकदमे से शुरू हुई पुरानी रंजिश
बताया जा रहा है कि साल 2015 में अरविंद की पत्नी बबीता की ओर से अपने पड़ोस के दो लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़खानी और चोरी समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इस मामले में आरोपियों को 20-20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 2018 में आरोपी जमानत पर बाहर आए। आरोप है कि जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या कर दी। इस मामले की सुनवाई अभी चल रही है। परिजनों के मुताबिक, भाई की हत्या के बाद से अरविंद के व्यवहार में बदलाव आया था। वह अक्सर तनाव में रहता था और पत्नी के साथ उसका विवाद भी होता था।
घर में चल रहा था महामृत्युंजय जाप
परिवार के लोगों का कहना है कि सुनील की हत्या के बाद अरविंद को लेकर घरवाले परेशान थे। इसी वजह से परिवार में महामृत्युंजय जाप और पूजा-पाठ कराया जा रहा था। बबीता तीन पुरोहितों के साथ पांच दिनों का अनुष्ठान करा रही थीं। बताया जा रहा है कि अरविंद पूजा-पाठ के पक्ष में नहीं था। सोमवार को भी उसने अनुष्ठान आगे न बढ़ाने की बात कही थी और पुजारियों को अगले दिन नहीं आने की चेतावनी दी थी। हालांकि, मंगलवार को पूजा फिर जारी रही।
पूजा खत्म होने के बाद बढ़ा विवाद
घटना के चश्मदीद बताए जा रहे एक पुरोहित के मुताबिक, मंगलवार को अरविंद दिनभर शांत था। शाम को पूजा खत्म होने के बाद उसने कथित तौर पर पुजारियों से पहचान पत्र और आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। पहचान पत्र नहीं दिखा पाने पर उसने कथित तौर पर उन्हें धमकी दी। इसके बाद विवाद बढ़ गया और अरविंद ने पिस्तौल निकाल ली। इसी दौरान बबीता उसे रोकने के लिए बीच में आईं और गोली लगने से उनकी मौत हो गई। इसके बाद भाग रहे पुरोहित महेंद्र पाठक को गोली मारी गई। फिर अखिलेश मिश्रा को भी निशाना बनाया गया। दोनों की भी गोली लगने से मौत हो गई।
पत्नी को भाई की हत्या का जिम्मेदार बताने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले अरविंद अपनी पत्नी बबीता से भी नाराज था। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान उसने बबीता पर अपने बड़े भाई सुनील की हत्या से जुड़ी पुरानी रंजिश को लेकर आरोप लगाए और पूजा-पाठ को लेकर भी आपत्ति जताई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल हथियार को लेकर भी जानकारी सामने आई है।
भाई की रिवॉल्वर से चलीं गोलियां
बताया जा रहा है कि वारदात में इस्तेमाल रिवॉल्वर पहले अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह के नाम थी। सुनील की मौत के बाद यह रिवॉल्वर अरविंद के नाम ट्रांसफर हो गई थी। वहीं, सुनील की पत्नी के नाम भी एक बंदूक का लाइसेंस बताया जा रहा है। उनके दिल्ली चले जाने के बाद वह बंदूक थाने में जमा करा दी गई थी। आजमगढ़ की इस वारदात ने एक पुराने विवाद, पारिवारिक तनाव और अचानक हुए खूनी संघर्ष को एक साथ सामने ला दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
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