Bihar Champaran Flood: बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच बिहार के पश्चिम चंपारण में हालात बिगड़ गए हैं। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से नौतन प्रखंड के शिवराजपुर के पास फुलियाखांड में चंपारण तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही बाढ़ का पानी तेजी से निचले इलाकों में फैलने लगा, जिससे हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई और कई घरों में पानी घुस गया। ग्रामीणों का आरोप है कि 2003 की बाढ़ के बाद तटबंध की मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति की गई, जिसका असर अब बाढ़ के बीच सामने आ रहा है।
खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा गंडक
जानकारी के मुताबिक, गंडक नदी का जलस्तर 90.90 मीटर के उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इसके बाद खैरटवा गांव के पास करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर तटबंध टूट गया और पानी तेजी से निचले इलाकों में फैलने लगा। बाढ़ का पानी खेतों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने से हजारों एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद होने का खतरा है। वहीं, कई परिवारों के सामने घर और जरूरी सामान बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
मरम्मत में जुटी टीम, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
तटबंध टूटने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। तटबंध विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुटी है, जबकि प्रभावित ग्रामीण राहत और बचाव अभियान तेज करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 2003 की भीषण बाढ़ के बाद तटबंध की मजबूती और मरम्मत पर गंभीरता से काम नहीं किया गया। उनका दावा है कि समय-समय पर मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत कार्य तेज करने और फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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