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बिहार में बढ़ेगा रेल सुरक्षा का दायरा, राजगीर-सासाराम में नए सब-डिवीजन

by | Sep 8, 2026 | State, बिहार

Bihar Railway Security: बिहार में बढ़ते रेल नेटवर्क और ट्रेनों की संख्या को देखते हुए रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय के रेलवे प्रभाग ने नए रेल सब-डिवीजन, सर्किल और थानों के गठन का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए गृह विभाग को भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर रेलवे पुलिस की निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी।

राजगीर-सासाराम में नए सब-डिवीजन

प्रस्ताव के अनुसार, राजगीर और सासाराम में दो नए रेलवे सब-डिवीजन बनाए जाएंगे। इसके अलावा राजगीर, थावे, खगड़िया और पूर्णिया में चार नए रेल सर्किल गठित करने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर रेल सुरक्षा की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

राजेंद्रनगर टर्मिनल पर बनेगा थाना

रेल सुरक्षा विस्तार के तहत हिलसा, राजेंद्रनगर टर्मिनल और कुर्सेला में तीन नए रेल थाने बनाने का प्रस्ताव है। राजेंद्रनगर टर्मिनल का प्रस्ताव खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां से तेजस राजधानी एक्सप्रेस समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन होता है, लेकिन अभी तक अलग रेल थाना नहीं है।

17 से बढ़कर 21 होंगे रेल सर्किल

वर्तमान में बिहार में करीब 1,337 ट्रेनों का आवागमन होता है। इनकी सुरक्षा के लिए पटना, मुजफ्फरपुर, कटिहार और जमालपुर समेत चार रेल जिले हैं। इनके तहत 12 सब-डिवीजन, 17 रेल सर्किल और 68 रेल थाने काम कर रहे हैं। नए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सब-डिवीजन की संख्या 12 से बढ़कर 14, रेल सर्किल 17 से बढ़कर 21 और रेल थाने 68 से बढ़कर 71 हो जाएंगे।

नए पदों का भी होगा सृजन

नए सब-डिवीजन, सर्किल और थानों के गठन के साथ रेल पुलिस बल बढ़ाने की योजना भी है। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए नए पद सृजित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे बढ़ते रेल नेटवर्क के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था को विस्तार दिया जा सकेगा।

डेडिकेटेड कॉरिडोर पर भी नजर

बिहार में वंदे भारत और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनों का परिचालन बढ़ा है। इन ट्रेनों में जीआरपी और आरपीएफ की ओर से सुरक्षा स्कॉट की व्यवस्था भी की जाती है। इसके अलावा दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर बिहार से होकर मालगाड़ियों के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। अलग मालगाड़ी ट्रैक उपलब्ध होने के बाद उसकी सुरक्षा के लिए भी नए सर्किल, थाने और पुलिस पदों की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।

बिहार में रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की यह कवायद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नए थानों और प्रशासनिक इकाइयों के जरिए रेलवे पुलिस की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

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