Friday, Sep 25

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बंगाल कोर्ट परिसर में दहशत! एक साथ छह अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल, जांच में जुटी पुलिस

West Bengal Bomb Scare: पश्चिम बंगाल में मंगलवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक साथ छह ज़िला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल मिले। एहतियातन सभी अदालतों को खाली कराया गया और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इनमें कोलकाता की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट और बैंकशाल कोर्ट शामिल थीं। ई-मेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसरों के भीतर बम लगाए गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और स्निफर डॉग्स मौके पर पहुंचे। हालांकि, तलाशी में कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।

कई जगह पर एक जैसे ई-मेल

कोलकाता के अलावा हुगली ज़िले की चिनसुरा कोर्ट, पश्चिम बर्दवान की आसनसोल और दुर्गापुर कोर्ट तथा मुर्शिदाबाद की बेरहामपुर कोर्ट में भी एक जैसी धमकी मिली। सभी जगहों पर एक ही समय पर ई-मेल आने से शक और गहरा गया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब Supreme Court ने मंगलवार सुबह एक अहम आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची से जुड़े लगभग 60 लाख विवादित दावों के निपटारे के लिए ज़रूरत पड़ने पर ओडिशा और झारखंड के न्यायिक अधिकारियों को भी तैनात किया जा सकता है।

राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि SIR प्रक्रिया में लगे सभी न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है। इसी बीच राज्य सचिवालय नबान्ना में मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, डीजीपी पीयूष पांडे और कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मुख्य सचिव ने बताया, “ई-मेल का पैटर्न एक जैसा है। सभी ज़िला जज अपने-अपने क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है, ताकि SIR प्रक्रिया प्रभावित न हो।”

परिसर में बवाल

कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार ने कहा कि साइबर क्राइम विंग ई-मेल भेजने वाले का पता लगाने में जुटी है और पहचान होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुर्गापुर कोर्ट के ज़िला जज देबप्रसाद नाथ ने बताया कि उन्होंने एहतियात के तौर पर कोर्ट खाली कराने का आदेश दिया था। “संभावना है कि यह फर्जी धमकी हो, लेकिन सुरक्षा के लिहाज़ से तुरंत परिसर खाली कर तलाशी कराई गई,” उन्होंने कहा।

दोपहर 2 बजे तक किसी भी अदालत से कोई विस्फोटक नहीं मिला। हालांकि, इन घटनाओं से फैली दहशत को देखते हुए राज्य भर की कई अन्य अदालतों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

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