Friday, Sep 25

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बजट 2026 की घोषणाओं से ये होंगे बड़े बदलाव, जानिए हमारी जिंदगी पर कितना पड़ेगा असर

Budget 2026 News: बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई घोषणाओं से आज से सिगरेट और तम्बाकू प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे। वहीं, अब से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा 1 फरवरी से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹50 तक महंगा हो गया है।

रिटेल में सिगरेट 40% तक होंगे महंगे

3 सितंबर 2025 को किए गए बदलाव के बाद अब 1 फरवरी से पान मसाला, खैनी और गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों पर 40% GST लगेगा। सेस हटा दिया गया है। अभी तक इन पर 28% GST के साथ 'कंपनसेशन सेस' लगता था। इससे कुल टैक्स 50% से ज्यादा हो जाता था। इससे रिटेल मार्केट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में 15% से 40% तक का उछाल आएगा। माना जा रहा है कि इससे सरकारी खजाना भरेगा है। 

फास्टैग के लिए लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया से बढ़ेगी परेशानी

आज से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सिलेंडर के दाम बढ़ गए

आज से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 49 रुपए बढ़कर ₹1740.50 हो गई है। पहले यह ₹1691.50 में मिल रहा था। वहीं चेन्नई में यह अब 50 रुपए महंगा होकर 1899.50 रुपए में मिलेगा।

प्रॉपर्टी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने 1 फरवरी 2026 से संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया है। अब रजिस्ट्री के वक्त खरीदार, विक्रेता और गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में मौजूद बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी पहचान, यानी फिंगरप्रिंट या फेस वेरिफिकेशन कराना होगा। इसका मुख्य उद्देश्य जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े और 'बेनामी' संपत्तियों पर लगाम लगाना है। केंद्र की योजना 'वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन' के तहत इसे जल्द ही पूरे देश में लागू करने की है। ऐसे में इस दस्तावेज के नहीं होने से लोगों की प्रॉपर्टी डील रूक सकती है।

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