CJP Protest News: सुप्रीम कोर्ट ने HPEC से कहा है कि वह शुरुआती तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लक्षित हिंसा और उत्पीड़न तथा दोनों पक्षों की ओर से हुई अत्यधिक हिंसा और संपत्ति के नुकसान से जुड़े आरोपों की जांच करे। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि प्रदर्शन से जुड़े व्यापक संवैधानिक सवालों पर फैसला HPEC नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट खुद उचित समय पर करेगा।
पैलेट गन और प्रदर्शनकारियों से जुड़े आरोपों की होगी जांच
सुप्रीम कोर्ट ने HPEC को शुरुआती चरण में पैलेट गन के इस्तेमाल और महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लक्षित हिंसा व उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने को कहा है। इसके अलावा कमेटी दोनों पक्षों की ओर से हुई कथित अत्यधिक हिंसा और संपत्ति को हुए नुकसान से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल करेगी। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन से जुड़े व्यापक संवैधानिक सवालों पर फैसला HPEC नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट खुद उचित समय पर करेगा।
संवेदनशील गवाहों की पहचान रहेगी गुप्त
सुप्रीम कोर्ट ने HPEC के सामने आने वाले संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा को लेकर भी निर्देश दिए हैं। गवाहों की पहचान और उनके बयानों के साथ जमा किए गए सबूतों को गोपनीय रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर HPEC एक अलग ऑनलाइन पोर्टल भी बना सकती है, जहां गवाह और अन्य संबंधित लोग अपने दस्तावेज और सबूत जमा कर सकेंगे।
HPEC देगी जांच रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने HPEC की भूमिका को मुख्य रूप से तथ्यों की जांच तक सीमित रखा है। कमेटी प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े आरोपों की पड़ताल कर तथ्य जुटाएगी और अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े व्यापक संवैधानिक सवालों पर अंतिम विचार सुप्रीम कोर्ट खुद करेगा। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 को होगी। तब तक HPEC को अपनी जांच आगे बढ़ाकर शुरुआती रिपोर्ट दाखिल करने की दिशा में काम करना है।

