Cornell University Rape Lawsuit: अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की एक पूर्व छात्रा ने यूनिवर्सिटी और ची फी फ्रेटरनिटी के सात सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। महिला, जिसे कानूनी दस्तावेजों में ‘जेन डो’ कहा गया है, ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2024 में उसे नशीला पदार्थ देकर फ्रेटरनिटी हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया गया। घटना के समय वह 20 साल की थी। यह जानकारी CBS News ने दी है।
शिकायत के मुताबिक, 19 अक्टूबर की रात शराब पीने के बाद वह अकेले इथाका स्थित ची फी हाउस में एक दोस्त से मिलने गई थी। आरोप है कि दो सदस्यों ने उसे केटामाइन बताकर कोई पदार्थ दिया और फिर उसके साथ बलात्कार किया। इनमें से एक ने कथित तौर पर ‘Chi Phi Actives’ नाम के Snapchat ग्रुप में ऊपर ‘फ्री सेक्स’ होने का संदेश भेजा। मुकदमे में मैथ्यू इंगॉल्स, जोनाथन न्यूएल, विंस्टन ली, गिलियो लोपेज, डिएगो सराबिया, स्कॉट नॉरिस और स्कॉट क्रेत्शमर के नाम हैं।
सुबह तक जारी रहने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि बाद में अन्य सदस्य भी कमरे में पहुंचे और कथित तौर पर महिला का यौन उत्पीड़न किया। आरोप है कि घटना सुबह करीब 5:45 बजे तक चली। महिला ने करीब तीन सप्ताह बाद कॉर्नेल पुलिस को इसकी जानकारी दी। वकील थॉमस गिफ्रा के अनुसार, यूनिवर्सिटी की कार्रवाई में केवल दो छात्रों को निष्कासित किया गया, जबकि अन्य को निलंबन, वर्कशॉप या निबंध लिखने जैसी सजा मिली। सातों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
जांच के बाद क्या हुआ?
कॉर्नेल ने कम से कम 12 सुनवाई वाली आंतरिक जांच की। टॉमपकिंस काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय ने पुलिस जांच की समीक्षा के बाद आपराधिक आरोप लगाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए। घटना के बाद महिला ने कॉर्नेल छोड़ दिया।
कॉर्नेल ने कहा कि उसके संबंधित कार्यालयों ने विश्वविद्यालय की नीतियों के तहत मामले की जांच की। ची फी का Xi चैप्टर अब भी कैंपस से प्रतिबंधित है। गोपनीयता कानूनों का हवाला देकर यूनिवर्सिटी ने व्यक्तिगत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी देने से इनकार किया और कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाब देगी। यूनिवर्सिटी ने यौन हमले को लेकर टास्क फोर्स भी बनाई और नीतियों व संसाधनों में बदलाव किए।
ची फी के राष्ट्रीय मुख्यालय ने आरोपों को गंभीर बताया और यौन हिंसा की निंदा की। संगठन ने लंबित मुकदमे का हवाला देते हुए मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की। मुकदमे में कॉर्नेल और अन्य प्रतिवादियों पर लापरवाही, अनुबंध उल्लंघन और राज्य कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। महिला ने हर्जाने की मांग की है, हालांकि राशि तय नहीं की गई है। सातों नामजद लोगों पर इन आरोपों में कोई आपराधिक आरोप नहीं लगाया गया है।

