Delhi HC CJP Deepfake Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महिला की कथित AI-मॉर्फ्ड तस्वीर को सोशल मीडिया से तत्काल हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने Meta को 24 घंटे के भीतर तस्वीर हटाने और दिल्ली पुलिस को मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एक सप्ताह में पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने महिला को पुलिस सुरक्षा देने का भी आदेश दिया।
जस्टिस गिरिश कठपालिया ने कहा कि मामला सिर्फ महिला से जुड़ा नहीं है, बल्कि देश के प्रधानमंत्री से भी संबंधित है और इसे “असाधारण” स्थिति बताया।
CJP नेताओं पर आरोप, FIR दर्ज
मामला 25 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर की याचिका से जुड़ा है। महिला ने आरोप लगाया कि Jantar Mantar प्रदर्शन के दौरान CJP नेताओं ने उसकी तस्वीर का इस्तेमाल ऑनलाइन और मौके पर किया। FIR में CJP प्रवक्ताओं अभिजीत दिपके, रत्ना सिंह और सौरव दास समेत अन्य के नाम लिए गए हैं, हालांकि साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS और IT Act की धाराओं में दर्ज हुई है।
महिला के वकील उमेश शर्मा ने पुलिस सुरक्षा, जल्द जांच, डिजिटल ट्रेल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित करने की मांग की। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि FIR गुरुवार को दर्ज हुई है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
अश्लील डीपफेक और धमकियों का दावा
याचिका में आरोप लगाया गया कि मॉर्फ्ड तस्वीर के बैनर बनाकर भीड़ में प्रदर्शित किए गए, आपत्तिजनक नारे लगाए गए और वीडियो Instagram समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर डाले गए। महिला ने दावा किया कि उसकी कथित अश्लील डीपफेक तस्वीरें पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर भी अपलोड की गईं। याचिका के अनुसार, वायरल सामग्री के बाद उसे रेप, गैंगरेप, एसिड अटैक और जान से मारने की धमकियां मिलीं। महिला का आरोप है कि FIR के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और Meta को प्रभावी टेकडाउन नोटिस जारी नहीं किए गए।
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