छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नवागांव बेलर में एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। महिला के परिवार की ओर से शव दफनाने की तैयारी की जा रही थी, जिसका कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया। कई घंटे तक चली बातचीत और प्रशासन की मौजूदगी के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी।
सहमति के बाद परिवार की ओर से हिंदू रीति-रिवाज अपनाने की बात स्वीकार की गई। इसके बाद महिला का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में हिंदू परंपरा के अनुसार दाह संस्कार करके किया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।
महिला की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद
मामला नगरी-सिहावा क्षेत्र के नवागांव बेलर का है। यहां 55 वर्षीय तीजन बाई साहू के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद शुरू हुआ।
ग्रामीणों का दावा था कि महिला और उनका परिवार करीब 15 से 20 साल पहले हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गया था। परिवार शव को दफनाना चाहता था, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया।
इसके बाद गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी और अंतिम संस्कार को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ गया।
ग्रामीणों ने रखी हिंदू धर्म में वापसी की बात
विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि परिवार से पहले भी हिंदू धर्म में वापस आने की अपील की गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के धर्म परिवर्तन के कारण ही शव को गांव में दफनाने को लेकर आपत्ति जताई गई।
बताया गया कि ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए जगह देने को लेकर परिवार के सामने हिंदू धर्म में वापसी की शर्त रखी। इसको लेकर काफी देर तक दोनों पक्षों में बातचीत होती रही।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हुई बातचीत
विवाद की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की।
कई घंटे तक बैठक और चर्चा का दौर चला। इस दौरान प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी, ताकि विवाद किसी अप्रिय घटना में न बदले।
आखिरकार बातचीत के बाद दोनों पक्ष किसी समाधान पर पहुंचे और अंतिम संस्कार को लेकर बना विवाद खत्म हुआ।
मंदिर में हुई घर वापसी की रस्म
सहमति बनने के बाद मृतका के पिता और भाई को गांव के मंदिर ले जाया गया। वहां पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया के तहत घर वापसी की रस्म कराई गई।
बताया गया कि इस दौरान उनके पैर धुलवाए गए और गंगाजल व तुलसी पत्र ग्रहण कराया गया। इसके बाद इष्ट देवी की पूजा-अर्चना कराई गई।
इन धार्मिक प्रक्रियाओं के बाद परिवार की ओर से हिंदू रीति-रिवाज स्वीकार करने की बात कही गई।
हिंदू रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
घर वापसी की प्रक्रिया के बाद तीजन बाई साहू का शव गांव के श्मशान घाट ले जाया गया। वहां हिंदू परंपरा के अनुसार उनका दाह संस्कार किया गया।
परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में मामला शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया।
घटना के बाद गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से भी क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रखी गई।

