झारखंड के धनबाद कोयलांचल में भू-धंसान की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। सिजुआ इलाके में मंगलवार तड़के जमीन धंसने से एक मकान मलबे में तब्दील हो गया।
हादसे में 10 वर्षीय विक्रम कुमार भुइयां की मौत हो गई। उसकी मां चंदा देवी और तीन अन्य बच्चे घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा।
स्थानीय लोगों ने अवैध और अवैज्ञानिक कोयला खनन को हादसे की वजह बताते हुए प्रशासन और बीसीसीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
सुबह करीब पांच बजे धंसी जमीन
घटना जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर मोड़ स्थित मोदीडीह भुइंटा पट्टी की है। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे अचानक जमीन धंसने लगी।
इसके बाद गुड्डू भुइयां का मकान देखते ही देखते जमीन में समा गया। घटना के समय गुड्डू घर पर नहीं थे। उनकी पत्नी चंदा देवी और चार बच्चे अंदर सो रहे थे।
मकान गिरते ही आसपास चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव का काम शुरू किया।
ग्रामीणों ने मलबे से लोगों को बाहर निकाला
स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे में फंसे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला।
हालांकि, 10 वर्षीय विक्रम को नहीं बचाया जा सका। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चंदा देवी समेत तीन अन्य बच्चे घायल हुए हैं।
सभी घायलों को कतरास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
12 परिवारों पर मंडरा रहा खतरा
हादसे के बाद बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से इलाके का सर्वे कराया गया। शुरुआती आकलन में करीब 12 परिवारों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, कुछ घरों में बड़ी दरारें भी दिखाई दी हैं। इसके चलते स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
लोगों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए।
अवैध खनन को लेकर लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कोयला खनन को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध और अवैज्ञानिक तरीके से खनन किया जाता रहा है।
लोगों का कहना है कि खनन के बाद जमीन के नीचे बने हिस्सों की उचित भराई नहीं हुई। इससे जमीन कमजोर होती गई और भू-धंसान का खतरा बढ़ता गया।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मुआवजे और पुनर्वास की मांग पर प्रदर्शन
घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने धनबाद-कतरास मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
लोगों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही प्रभावित परिवारों के स्थायी और सुरक्षित पुनर्वास की मांग भी उठाई।
स्थानीय विधायक शत्रुघ्न महतो भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और अधिकारियों से बात कर जल्द कार्रवाई की मांग की।
धनबाद में भू-धंसान पुरानी समस्या
धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। पुराने खनन क्षेत्रों और भूमिगत कोयला आग को इसके प्रमुख कारणों में गिना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद कई इलाकों में सुरक्षा को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। साथ ही प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

