Thursday, Sep 24

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दिशा सालियान केस में CBI की एंट्री, मुंबई पुलिस से मांगे सभी दस्तावेज; छह साल पुराने राज से उठेगा पर्दा?

Disha Salian Death CBI Probe: दिशा सालियान की मौत के मामले में छह साल बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है. बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मुंबई पुलिस से केस से जुड़े रिकॉर्ड, सबूत और अन्य दस्तावेज सौंपने को कहा है.

मुंबई: दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है. जून 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद दिशा की मौत हुई थी. शुरुआती जांच के बाद मुंबई पुलिस ने इसे हादसा या आत्महत्या माना था, लेकिन अब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI इस मामले की नए सिरे से जांच कर रही है.

CBI की जांच शुरू होने के साथ ही मुंबई पुलिस की पुरानी जांच से जुड़े दस्तावेज और सबूत महत्वपूर्ण हो गए हैं. जांच एजेंसी अब मामले से संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर घटनाक्रम और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की दोबारा पड़ताल करेगी.

मुंबई पुलिस से मांगी गई पूरी केस फाइल

CBI के सामने सबसे पहले पिछले छह वर्षों में मुंबई पुलिस द्वारा जुटाई गई जांच सामग्री की समीक्षा करना अहम होगा. हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार मालवणी पुलिस को केस से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध सामग्री CBI के जांच अधिकारी को सौंपनी है.

इन दस्तावेजों में जांच से संबंधित रिकॉर्ड, सबूत और मामले से जुड़ी अन्य सामग्री शामिल है. अदालत ने दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और उसके आधार पर FIR दर्ज करने का भी निर्देश दिया है.

छह साल बाद क्यों बदली जांच की दिशा?

दिशा सालियान की मौत के बाद पुलिस ने CrPC की धारा 174 के तहत अप्राकृतिक मौत से जुड़ी जांच शुरू की थी. इस प्रक्रिया का उद्देश्य शुरुआती तौर पर मौत के कारण और परिस्थितियों का पता लगाना होता है.

हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि मामले में जांच लंबे समय तक चलती रही, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई. अदालत ने पुलिस की जांच में कई सवाल और विसंगतियां पाए जाने की बात कही. इसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपने का रास्ता साफ हुआ.

घटनास्थल की जांच में देरी पर भी सवाल

हाईकोर्ट के सामने पुलिस की जांच से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए गए थे. इनमें घटनास्थल की जांच और पुलिस कार्रवाई की टाइमिंग भी शामिल थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, घटनास्थल का स्पॉट पंचनामा घटना के करीब नौ घंटे बाद किया गया था. जांच में हुई इस देरी को लेकर भी अदालत ने सवाल उठाए. अब CBI अपनी जांच में यह देखेगी कि उस रात वास्तव में क्या हुआ और शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों में कोई महत्वपूर्ण कड़ी छूटी तो नहीं.

दिशा के पिता ने CBI जांच की मांग की थी

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने मार्च 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने अपनी बेटी की मौत को लेकर संदेह जताते हुए FIR दर्ज करने और CBI जांच की मांग की थी.

याचिका में दिशा की मौत को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. हालांकि, इन आरोपों को फिलहाल अदालत द्वारा साबित तथ्य नहीं माना गया है. हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच में पर्याप्त सबूत सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता.

सुशांत सिंह राजपूत की मौत से क्यों जुड़ा दिशा का मामला?

दिशा सालियान की मौत के कुछ ही दिनों बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी अपने मुंबई स्थित घर में मृत पाए गए थे. दिशा कुछ समय के लिए सुशांत के पेशेवर काम से जुड़ी थीं. दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर होने के कारण सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस में दोनों मामलों को जोड़कर कई तरह के दावे किए गए.

हालांकि, मुंबई पुलिस ने दोनों मौतों के बीच किसी संबंध से इनकार किया था. सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच भी CBI ने की थी और एजेंसी ने इसे आत्महत्या माना था.

उस रात क्या हुआ था?

जांच के दौरान सामने आए बयानों के मुताबिक, दिशा अपने मंगेतर रोहन राय के मलाड स्थित फ्लैट पर दोस्तों के साथ मौजूद थीं. वहां जन्मदिन की पार्टी चल रही थी. इसके बाद दिशा कमरे में चली गईं.

जब दोस्तों को कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की. दरवाजा खोलने के बाद पता चला कि दिशा खिड़की से नीचे गिर चुकी थीं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

अब CBI की जांच में उस रात की पूरी घटनाक्रम, उपलब्ध सबूतों और पहले की पुलिस जांच से जुड़े सभी पहलुओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी. ऐसे में छह साल पुराने इस मामले में आगे क्या सामने आता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी.