Sunday, Sep 27

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रमीकल्चर ऐप मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 442.35 करोड़ की संपत्ति जप्त

RummyCulture ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रमीकल्चर ऐप और उससे जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब 442.35 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 25 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 5(1) के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। इनमें FD, कमर्शियल दुकानें, एक विला और कई रिहायशी संपत्तियां शामिल हैं। ये संपत्तियां गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज के शेयरधारकों के परिवारों, प्राइवेट फैमिली ट्रस्ट और संबंधित संस्थाओं के नाम पर हैं।

FIR और तलाशी से मिले सुराग

ED ने तेलंगाना में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की FIR के आधार पर PMLA के तहत जांच शुरू की। FIR भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत धोखाधड़ी से जुड़े अपराधों की है, जिन्हें PMLA में शेड्यूल्ड ऑफेंस माना गया है। इससे पहले 7-14 मई और 20-21 जून 2026 को कंपनी के कार्यालय, निदेशकों और प्रमुख कर्मचारियों के परिसरों पर तलाशी ली गई थी। इस दौरान दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए।

BOTs के इस्तेमाल का आरोप

जांच के अनुसार Gameskraft Technologies और RummyTime Technologies ने Rummy Culture, Rummy Prime, PlayShip और Rummy Time ऐप्स के जरिए ऑनलाइन रियल-मनी रमी टूर्नामेंट चलाए। इनके 3 करोड़ से ज्यादा यूजर थे। ED के मुताबिक, कंपनियां दांव की रकम पर 10-15% कमीशन लेती थीं और BOTs का इस्तेमाल कर यूजर्स को नुकसान पहुंचाती थीं।

1,035 करोड़ रुपये मार्केटिंग पर खर्च

जांच में कथित तौर पर सामने आया कि नए यूजर्स आकर्षित करने के लिए करीब 1,035 करोड़ रुपये मार्केटिंग और प्रमोशन पर खर्च किए गए। बोनस, रेफरल, फ्री एंट्री और रिवॉर्ड्स के अलावा 5-10% निकासी शुल्क और ‘सुपर बूस्टर’ जैसे ऑफर दिए गए। गेम छोड़ चुके, यहां तक कि भारी नुकसान झेल चुके यूजर्स को कैश क्रेडिट, नोटिफिकेशन, SMS और कॉल के जरिए वापस लाने की कोशिश की गई। ED के अनुसार कथित अपराध से हुई आय को डिविडेंड और शेयर बायबैक के जरिए लेयरिंग व इंटीग्रेशन के माध्यम से इस्तेमाल किया गया।

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