Election Commission Meeting: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निर्वाचन सदन में दोपहर तीन बजे भारत निर्वाचन आयोग की बैठक हुई। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। हाल ही में सामने आई एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए गए हैं और उनके इस्तीफे की मांग की गई है।
SIR के दौरान नोटिस पाने वालों के लिए व्यवस्था
SIR के दौरान जिन लोगों को नाम मैप नहीं होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजे गए हैं, BLO उनके घर जाकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे। इन दस्तावेजों को ECI-Net पर अपलोड किया जाएगा, जिसके आधार पर ERO फैसला ले सकेंगे। ऐसे लोगों को सामान्य तौर पर सुनवाई के लिए ERO या AERO के कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ खास मामलों में सुनवाई की जाएगी और यह प्रक्रिया ज्यादातर ऑनलाइन होने की बात कही गई है। इसके अलावा DEO जरूरत के अनुसार नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क या विशेष कैंप लगाएंगे।
CEC को लेकर विपक्ष के आरोपों से बढ़ा विवाद
INDIA ब्लॉक की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग लाने की तैयारी की बात कही गई है। इस संबंध में 30 सितंबर को INDIA ब्लॉक की बैठक होने वाली है। इससे पहले मार्च 2026 में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में क्रमशः 130 और 63 सांसदों के हस्ताक्षर वाले नोटिस दिए गए थे, जिन्हें 6 अप्रैल को खारिज कर दिया गया था। वहीं, कांग्रेस, RJD समेत कई विपक्षी दलों ने CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन किए थे। विवाद की वजह बनी अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म 6 में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा वोटर लिस्ट डेटाबेस पर केंद्रीकृत नियंत्रण से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
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