Thursday, Sep 24

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6 लाख का लोन बचाने के लिए IIFL मैनेजर की हत्या, प्रेमी-प्रेमिका ने रची थी साजिश

गुजरात के प्रांतिज में IIFL फाइनेंस के ब्रांच मैनेजर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया कि कथित तौर पर हत्या के पीछे 6 लाख रुपये का कर्ज चुकाने से बचने की योजना थी। आरोप है कि प्रेमी-प्रेमिका ने मिलकर वारदात की साजिश रची।

पुलिस के मुताबिक, महिला ने मैनेजर को फोन करके बुलाया था। इसके बाद उसके प्रेमी ने कार में धारदार हथियार से मैनेजर पर हमला कर दिया।

कार में मिला था मैनेजर का शव

भरत चौधरी IIFL फाइनेंस की माणसा शाखा में मैनेजर थे। वह 2 सितंबर को अचानक लापता हो गए थे।

इसके बाद लिमला गांव से वडवासा जाने वाली सड़क पर उनकी कार मिली। कार के अंदर भरत चौधरी का शव पड़ा था।

उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

कॉल डिटेल से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल की मदद से जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान भावना उर्फ भावू ठाकोर और उसके प्रेमी योगेश ठाकोर के नाम सामने आए।

पुलिस ने भावना को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान हत्या से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया गया।

6 लाख रुपये का था कर्ज

पुलिस के अनुसार, भावना ने IIFL फाइनेंस से 1.50 लाख रुपये का कर्ज लिया था। वहीं उसके प्रेमी योगेश पर 4.50 लाख रुपये का कर्ज था।

दोनों पर कुल 6 लाख रुपये का कर्ज था। पुलिस का दावा है कि दोनों लोन की किस्तें चुकाने से बचना चाहते थे।

इसके साथ ही गिरवी रखे सोने के गहने वापस पाने की भी कथित योजना थी। इसी वजह से दोनों ने मैनेजर को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

महिला ने मैनेजर को मिलने के लिए बुलाया

पुलिस जांच के मुताबिक, भावना ने भरत चौधरी से संपर्क किया। उसने पैसे देने के बहाने उन्हें प्रांतिज बुलाया।

इसके बाद योगेश मैनेजर को अपनी कार में लेकर माणसा से रवाना हुआ। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले से बनाई गई योजना के तहत आगे बढ़ रहे थे।

कार के अंदर किया हमला

पुलिस के मुताबिक, कार जब वडवासा के पास पहुंची तो योगेश ने भरत चौधरी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।

हमले में उनके गले पर गंभीर चोट आई। इसके बाद उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव और कार को किसी सुनसान जगह पर छोड़ने की योजना बनाई थी।

शव ठिकाने लगाने के दौरान फंसी कार

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद दोनों शव को लेकर लिमला की तरफ गए। उनका कथित इरादा शव को सुनसान स्थान पर फेंकने का था।

लेकिन इसी दौरान कार सड़क किनारे बने एक गड्ढे में फंस गई। आरोपियों ने वाहन को निकालने की काफी कोशिश की।

जब कार बाहर नहीं निकल सकी तो उन्हें पुलिस तक पहुंचने का डर सताने लगा। इसके बाद दोनों शव और कार को वहीं छोड़कर भाग गए।

बाद में पुलिस ने इसी कार से भरत चौधरी का शव बरामद किया।

सात साल से रिश्ते में थे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, भावना और योगेश करीब सात साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे।

इस मामले में भावना उर्फ भावू ठाकोर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं योगेश ठाकोर अभी फरार बताया जा रहा है।

उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस हत्या में शामिल अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।