Thursday, Sep 24

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IIT बॉम्बे में छात्रों की 18 मांगें मानी गईं, डायरेक्टर शिरीष केदरे आज दे सकते हैं इस्तीफा

IIT Bombay Director Shirish Kedare: आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद कैंपस में उठे सवालों के बीच अब बड़ी खबर सामने आई है। संस्थान के डायरेक्टर शिरीष केदरे के आज इस्तीफा देने की चर्चा है। इस मामले के बाद छात्रों की ओर से उठाई गई मांगों और संस्थान की व्यवस्था को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।

छात्रों के बीच डायरेक्टर ने किया इस्तीफे का ऐलान

आईआईटी कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदरे ने रविवार रात छात्रों के बीच इस्तीफा देने का ऐलान किया था। छात्रों ने डायरेक्टर के सामने 18 मांगें रखी थीं, जिन्हें उन्होंने मान लिया। इसके बाद उन्होंने कहा था कि वह सोमवार को अपना इस्तीफा देंगे। ऐसे में आज उनके इस्तीफे की संभावना है।

साहिल वाकोडे की मौत के बाद बढ़ा विरोध

22 वर्षीय साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद से छात्र आईआईटी प्रशासन पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक सेकंड ईयर का छात्र था। उसकी मौत के बाद से ही कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन जारी है और वे प्रशासन से अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मौके से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

साहिल 18 सितंबर की शाम आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल नंबर-4 स्थित अपने कमरे में मृत मिला था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्रों का आरोप है कि कथित हैरेसमेंट की वजह से साहिल ने आत्महत्या की। पिछले तीन दिनों से आईआईटी बॉम्बे कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। बताया गया कि परीक्षा देने के बाद साहिल शाम करीब 4 बजे हॉस्टल लौटा था, जहां देर रात उसका शव फंदे से लटका मिला।

IIT बॉम्बे में 7 महीने में तीसरी मौत

छात्रों के मुताबिक, यह आईआईटी बॉम्बे में सात महीने के भीतर आत्महत्या का तीसरा मामला है। वहीं, देशभर के आईआईटी में इस साल 9 छात्रों की आत्महत्या की बात सामने आई है। प्रदर्शन के दौरान इंडिया टीवी से बातचीत में आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदरे ने कहा कि इस मामले की पूरी जिम्मेदारी उनकी है।

छात्रों की प्रमुख मांगें

साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों ने IIT बॉम्बे के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें परीक्षा के इनवेस्टिगेटर प्रो. सूर्यनारायण के निलंबन, साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच, संस्थान की माफी, प्रोफेसरों के लिए आचार संहिता और छात्रों के लिए बेहतर काउंसलिंग व मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं। छात्रों ने 22 सितंबर तक ओपन हाउस, 26 सितंबर तक मांगों की कार्ययोजना और 30 सितंबर तक जांच की अंतरिम रिपोर्ट की मांग की है। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन और एक महीने में सुधार लागू नहीं होने पर डायरेक्टर शिरीष केदरे के इस्तीफे की मांग की गई है।