Thursday, Sep 24

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क्या फिर भिड़ सकते हैं भारत-पाक? अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का आया जवाब

India Pakistan Conflict: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि दुनिया में संभावित संघर्षों से निपटने के लिए अगर कोई प्रभावी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था होती तो यह बेहद अच्छा होता। रुबियो ने भारत-पाकिस्तान विवाद समेत दुनियाभर में जारी तनाव और संघर्षों के समाधान के लिए बेहतर अंतरराष्ट्रीय तंत्र की जरूरत पर जोर दिया।

संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर भी बोले रुबियो

रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की उपयोगिता को समझता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में काफी संभावनाएं हैं, लेकिन वह फिलहाल उन संभावनाओं के मुताबिक काम नहीं कर रहा है। रुबियो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत-पाकिस्तान विवाद समेत दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और संभावित संघर्ष को लेकर चर्चा जारी है।

बियो ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर उठाए सवाल

रुबियो ने कहा कि कई नेता मानते हैं कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था विफल हो रही है। उनके मुताबिक, इसका एक कारण यह है कि व्यवस्था अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ गई है और कई ऐसे मामलों में शामिल हो गई है, जहां इसकी भूमिका नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था दुनिया के लगभग किसी भी बड़े संघर्ष को सुलझाने में सक्षम नहीं है। रुबियो ने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी इस बात को लेकर ‘एकमत और सहमति’ है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था टूट चुकी है।

भारत-पाक संभावित संघर्ष पर क्या बोले रुबियो?

रुबियो ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के कमजोर होने की वजह यह है कि उसने खुद को ही कमजोर कर लिया है। उन्होंने इसे उसकी उचित भूमिका और फोकस में वापस लाने की जरूरत बताई। रुबियो के मुताबिक, अगर प्रभावी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था होती तो थाईलैंड-कंबोडिया के बीच संघर्ष या भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष जैसे मामलों से निपटना आसान होता। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी प्रभावी व्यवस्था मौजूद नहीं है, जो इन विवादों का समाधान कर सके। ऐसे में देशों के पास अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार काम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाता।