Friday, Sep 25

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जबलपुर में 700 घरों पर बुलडोजर कार्रवाई! मदन महल पहाड़ी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश

Jabalpur Madan Mahal Hill Encroachment: जबलपुर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मदन महल पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई शनिवार से शुरू कर दी गई। यह कदम लंबे समय से विवादों में रही इस पहाड़ी को संरक्षित करने और अवैध निर्माण हटाने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा उठाया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और प्रशासन की तैयारी

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के पालन में की जा रही है। अदालत ने 24 फरवरी को शांति बाई शर्मा और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश का तुरंत पालन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने मदन महल पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया तेज कर दी। शनिवार को कार्रवाई के पहले दिन 10 मकानों को तोड़ा गया और वहां रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।

कार्रवाई की शुरुआत और सुरक्षा प्रबंध

कार्रवाई सुबह पुरवा क्षेत्र में आईसीएमआर के सामने वाले हिस्से से शुरू हुई। कई सालों से बने अस्थायी मकानों और झोपड़ियों को हटाया जा रहा है। प्रशासन ने इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।

स्थानीय लोगों की नाराजगी और विरोध

अतिक्रमण हटाने से पहले प्रशासन ने लगातार मुनादी कर लोगों को चेतावनी दी थी कि वे स्वयं ही अपने निर्माण हटाएं। इसके बावजूद कई स्थानों पर अतिक्रमण बने रहने के कारण कार्रवाई अनिवार्य हो गई। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। 6 साल की मासूम आलिया झरिया ने प्रशासन से हाथ जोड़कर गुहार लगाई कि उसका घर न तोड़ा जाए, क्योंकि उसके पिता इस दुनिया में नहीं हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वहीं कई स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्हें वैकल्पिक आवास और आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए थी।

प्रशासन का पक्ष और सुविधाएं

जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में की जा रही है। कोविड के दौरान यह कार्रवाई रुकी हुई थी, लेकिन अब इसे पुनः शुरू किया गया है। प्रशासन ने पिछले दस दिनों से लगातार प्रचार-प्रसार और मुनादी के माध्यम से लोगों को जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि प्रभावित परिवारों को 2570 विस्थापन पर्चियां पहले ही बांटी जा चुकी हैं। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि जिन पट्टों पर लोगों को भूमि दी जा रही है, वहां पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

भविष्य की योजना

कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से लगभग तीन महीने तक चलेगी और कुल 700 से अधिक घरों पर बुलडोजर चलेगा। प्रशासन ने अस्थायी रूप से तिरपाल, बांस और बल्लियां उपलब्ध कराई हैं ताकि प्रभावित परिवारों की न्यूनतम जरूरतें पूरी हो सकें। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था दिए बिना मकान तोड़ने से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। कई परिवारों ने आर्थिक मदद और नए आवास की गारंटी की मांग की है।

मदन महल पहाड़ी अतिक्रमण मुक्त करने की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में तेज गति से चल रही है, जबकि प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती जारी है।

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