Hospital Consumables Pricing: महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे ने अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल सामान और दवाओं पर भारी मार्जिन को लेकर चिंता जताई है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि मरीज इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की वास्तविक लागत से अनजान रहते हैं और कुछ मामलों में उन्हें ट्रेड कीमत से सैकड़ों या हजारों फीसदी अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
ट्रेड कीमत और MRP में बड़ा अंतर
मुंढे ने महाराष्ट्र में अस्पतालों के मेडिकल कंज्यूमेबल्स के सर्वे का हवाला दिया। उनके मुताबिक, 11.05 रुपये के ट्रेड प्राइस वाला IV इन्फ्यूजन सेट 325 रुपये MRP पर था, यानी 2,841% का मार्कअप। 6.75 रुपये की सिरिंज का MRP 57.20 रुपये और 29.41 रुपये में खरीदे गए कैथेटर का MRP 310 रुपये था।
उन्होंने कहा कि ये वैकल्पिक खरीदारी नहीं हैं। इलाज करा रहे मरीज अक्सर कीमतों की तुलना, दूसरे विकल्प तलाशने या मेडिकल उत्पाद की कीमत पर सवाल करने की स्थिति में नहीं होते। उनके अनुसार, निर्माता और वितरक स्तर पर तय MRP ट्रेड कीमत से अलग रह सकता है, जिससे मरीज पर लागत का बोझ पड़ता है, जबकि उसके पास जानकारी सबसे कम होती है।
मेडिकल कंज्यूमेबल्स पर नियमन का मुद्दा
मुंढे ने कहा कि Drugs (Prices Control) Order, 2013 के तहत शेड्यूल्ड दवाओं पर मूल्य सीमा लागू है, लेकिन अधिकांश मेडिकल डिवाइस और कंज्यूमेबल्स पर ऐसी सीमा नहीं है। उन्होंने इसे नियामकीय अंतर बताते हुए कहा कि इनकी कीमतें और मरीजों को उपलब्ध जानकारी काफी हद तक निगरानी से बाहर हैं।
FDA की समीक्षा के बाद उन्होंने Department of Pharmaceuticals और National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) को ट्रेड खरीद कीमत और घोषित MRP के बीच अनुमत अंतर को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की सिफारिश की है। मुंढे के नेतृत्व में महाराष्ट्र FDA खाद्य सुरक्षा को लेकर भी बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रहा है। कई होटल, रेस्टोरेंट और क्लबों पर छापे व नोटिस की कार्रवाई हुई है, जबकि उल्लंघन मिलने पर कुछ प्रतिष्ठान बंद भी किए गए हैं। इस सख्ती को कई वर्गों से समर्थन मिला है।
ये भी पढ़े: लखनऊ में झगड़े के बाद प्रेमिका को कार से मारी टक्कर, बोनट पर घसीटा; आरोपी गिरफ्तार

