चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ के बाद सतना प्रशासन ने नदी के आसपास बने निर्माणों की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। प्रशासन अब नदी के प्राकृतिक बहाव वाले क्षेत्र को चिह्नित करेगा।
जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देश पर जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। टीम नदी की सीमा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी।
नियमों के खिलाफ पाए जाने वाले निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में नदी किनारे बने मकानों और दुकानों पर कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।
बाढ़ के बाद प्रशासन ने उठाया कदम
28 और 29 अगस्त की रात मंदाकिनी नदी में भीषण बाढ़ आई थी। इस दौरान नदी का जलस्तर 145.66 मीटर तक पहुंच गया था।
बाढ़ के कारण चित्रकूट में कई जगह हालात बिगड़ गए थे। हनुमानधारा पुल के बहने की जानकारी भी सामने आई थी।
इसके बाद प्रशासन ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नदी के प्राकृतिक बहाव वाले क्षेत्र की जांच कराने का फैसला लिया है।
नदी किनारे बने मकानों और दुकानों की होगी जांच
मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई है। इसमें नगर परिषद चित्रकूट के सीएमओ, नायब तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के एसडीओ शामिल हैं।
जल संसाधन विभाग के एसडीओ और नगर परिषद के सब इंजीनियर को भी टीम में रखा गया है।
टीम मंदाकिनी नदी की सीमा का निरीक्षण करेगी। इसके साथ ही नदी के तटीय क्षेत्र में बने मकानों, दुकानों और अन्य निर्माणों की स्थिति भी देखी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट और NGT के नियमों के आधार पर होगी जांच
प्रशासन के मुताबिक, निर्माणों की जांच संबंधित नियमों और सुप्रीम कोर्ट व NGT के निर्देशों के आधार पर की जाएगी।
जांच में अगर कोई निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसका मतलब यह है कि फिलहाल हर नदी किनारे बने मकान को हटाने का फैसला नहीं हुआ है। पहले निर्माण की स्थिति और उसकी वैधता की जांच की जाएगी।
नए सिरे से तय होगी बाढ़ सीमा
मंदाकिनी में हालिया बाढ़ के दौरान पानी का स्तर 145 मीटर से ऊपर पहुंच गया था। इसी को देखते हुए नदी के हाई फ्लड लेवल का नए सिरे से सीमांकन किया जाएगा।
इस प्रक्रिया से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि बाढ़ का पानी किन क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। साथ ही नदी के प्राकृतिक बहाव में आने वाले निर्माणों की पहचान भी की जा सकेगी।
नदी का प्राकृतिक रास्ता रखा जाएगा साफ
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा है कि मंदाकिनी नदी के प्राकृतिक बहाव वाले रास्ते को साफ रखा जाएगा।
प्रशासन का फोकस ऐसे निर्माणों की पहचान पर है, जो नदी के बहाव में बाधा पैदा कर सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ के बाद शुरू हुई यह कवायद आने वाले समय में नदी किनारे अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई का आधार बन सकती है।

