Thursday, Sep 24

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20 दिन बाद टूटा जरांगे का अनशन, सरकार से कहा- 3 महीने में करो मराठा आरक्षण पर फैसला

Maratha Reservation Protest: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने 20 दिन से जारी अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए तीन महीने का वक्त दिया है। जरांगे ने यह ऐलान गुरुवार देर रात करीब 2 बजे बीड के पाटोदा में समर्थकों को संबोधित करते हुए किया।

लगातार अनशन से कमजोर हुई तबीयत

मनोज जरांगे ने कहा कि लगातार अनशन के चलते उनकी शारीरिक हालत काफी कमजोर हो गई थी। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर से IV फ्लूड बंद होने के बाद हाथ-पैर तक हिलाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मुंबई की ओर लंबी यात्रा करना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि पाटोदा से निकलने के बाद उनके वाहन के पीछे न चलें और सीधे खोपोली पहुंचें। जरांगे ने चेतावनी दी कि अगर समर्थक काफिले के साथ चलते रहे तो वह यात्रा रोककर पाटोदा में ही धरना जारी रख सकते हैं या फिर अंतरवाली सराटी लौट सकते हैं।

जरांगे का दावा- 2.5 करोड़ लोगों को मिल सकता है लाभ

मनोज जरांगे पाटिल ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान 58 लाख पुराने दस्तावेज सामने आए हैं। उनके मुताबिक, इन रिकॉर्ड के आधार पर मराठा समुदाय के करीब 2.5 करोड़ लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सकता है। उन्होंने सरकार से इन दस्तावेजों को मान्यता देने के लिए आधिकारिक गजट जारी करने की मांग की। जरांगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार उनके आंदोलन के खिलाफ राजनीतिक रणनीति अपना रही है। उन्होंने दावा किया कि सभी दस्तावेज पेन ड्राइव में सुरक्षित रखे गए हैं। साथ ही, जरांगे ने फडणवीस पर अपनी जान के खिलाफ साजिश रचने का आरोप भी लगाया।

जरांगे ने फल बागानों के तर्क पर उठाए सवाल

मराठा आरक्षण को लेकर सरकार की ओर से पश्चिमी महाराष्ट्र के फल बागान मालिकों से जुड़े तर्क पर मनोज जरांगे ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर ओबीसी समुदाय के लोग भी फल बागानों के मालिक हैं तो उन्हें आरक्षण का लाभ क्यों मिलता है और मराठा समुदाय को क्यों नहीं। जरांगे ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के साथ हजारों लोगों की रैली निकालना संभव नहीं है। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की।

परिवार का जिक्र कर बोले- मांग के लिए जान देने को तैयार

जरांगे ने अपने परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा परिवार को स्वाभिमान के साथ जीने की सीख दी है। उन्होंने अपने बेटे से भी साहस बनाए रखने को कहा। जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय की मांग के लिए वह अपनी जान तक देने को तैयार हैं।