Thursday, Sep 24

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मंगल-गुरु की युति से बनेगा नीचभंग योग, इन 3 राशियों को करियर-धन में लाभ के संकेत

Mars Jupiter Conjunction: मंगल-गुरु की युति: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 18 सितंबर 2026 को मंगल ने कर्क राशि में प्रवेश किया, जहां देवगुरु बृहस्पति पहले से विराजमान हैं। इससे दोनों ग्रहों की युति बनी है। ज्योतिष में कर्क राशि में मंगल को नीच और गुरु को उच्च का माना जाता है। ऐसे में मंगल के नीचत्व का प्रभाव कुछ कम होने की स्थिति बन सकती है। कुछ गणनाओं में इसे नीचभंग योग से जोड़ा जा रहा है।

कैसे बन रहा योग?

मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, जमीन-संपत्ति का कारक माना जाता है, जबकि गुरु ज्ञान, धन, शिक्षा, सौभाग्य और विस्तार से जुड़े हैं। हालांकि केवल दोनों ग्रहों की युति से हर कुंडली में पूर्ण नीचभंग राजयोग बने, यह जरूरी नहीं है। भाव, ग्रहों की स्थिति, दृष्टि और दशा भी महत्वपूर्ण होती है।

कर्क राशि

कर्क जातकों को नौकरी में नई जिम्मेदारी या प्रोजेक्ट मिल सकता है। कारोबार में नए अवसर और रुके काम आगे बढ़ने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में बदलाव संभव है, लेकिन जल्दबाजी और गुस्से में निर्णय लेने से बचें।

सिंह राशि

नौकरी बदलने वालों को नया प्रस्ताव मिल सकता है। नए संपर्क करियर में मददगार हो सकते हैं और कारोबारियों को नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है। आर्थिक सुधार के संकेत हैं, लेकिन निवेश में जल्दबाजी न करें।

तुला राशि

रुका पैसा या काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी और नए संपर्क बन सकते हैं। कारोबार में अवसर मिल सकते हैं, जबकि खर्च नियंत्रित रखना जरूरी होगा। बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी लें।

कब तक रहेगा असर?

मंगल के कर्क में रहने के दौरान इस युति का प्रभाव माना जा रहा है। वास्तविक परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली में मंगल-गुरु की स्थिति पर निर्भर करेंगे। इसलिए नौकरी, कारोबार या निवेश के बड़े फैसले केवल राशि देखकर नहीं लेने चाहिए।

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