Friday, Sep 25

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WFH न मिलने की कीमत मौत, नवजात ने गंवाई जान, कंपनी पर $22.5 मिलियन का जुर्माना

Newborn Dies After Mothers WFH Request Denied: अमेरिका के ओहायो से एक बेहद दर्दनाक और चर्चा में आया एक मामला सामने आया है, जहां एक कंपनी की सख्ती एक नवजात की मौत से जुड़ गई। अदालत ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कंपनी को भारी हर्जाना भरने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला चेल्सी वॉल्श से जुड़ा है, जो साल 2021 में Total Quality Logistics (TQL) में काम कर रही थीं। चेल्सी हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी से गुजर रही थीं और एक मेडिकल प्रोसीजर के बाद उनके डॉक्टर ने उन्हें सख्त निर्देश दिए थे कि-

• शारीरिक गतिविधि कम रखें
• बेड रेस्ट पर रहें
• घर से काम (WFH) करें

कंपनी ने ठुकराई WFH रिक्वेस्ट

चेल्सी ने 15 फरवरी 2021 को कंपनी से घर से काम करने की अनुमति मांगी, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्हें ऑफिस आकर ही काम करना होगा या फिर बिना वेतन छुट्टी लेनी होगी, जिससे उनकी आय और हेल्थ इंश्योरेंस प्रभावित हो सकता था। मजबूरी में चेल्सी को डॉक्टर की सलाह के खिलाफ ऑफिस जाना पड़ा।

आया दर्दनाक मोड़

चेल्सी ने 22 फरवरी से ऑफिस जाकर काम शुरू किया। लगातार तीन दिन तक उन्होंने जोखिम के बावजूद काम किया। 24 फरवरी को अचानक उन्हें लेबर पेन शुरू हुआ और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया।

जन्म के कुछ घंटों बाद मौत

नवजात बच्ची, जिसका नाम मैगनोलिया रखा गया था, जन्म के बाद कुछ समय तक जीवित रही। रिपोर्ट्स के अनुसार बच्ची सांस ले रही थी, दिल की धड़कन चल रही थी लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। वह समय से लगभग 18 हफ्ते पहले पैदा हुई थी।

कोर्ट में पहुंचा मामला

इस घटना के बाद बच्ची के परिवार ने कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप था कि WFH की अनुमति न देने से चेल्सी को जोखिम उठाना पड़ा इसी कारण समय से पहले डिलीवरी हुई और नवजात की मौत हो गई।

जूरी का फैसला

हैमिल्टन काउंटी की जूरी ने कंपनी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया।
• कुल हर्जाना: $25 मिलियन
• 90% जिम्मेदारी कंपनी की मानी गई
• अंतिम भुगतान: $22.5 मिलियन (करीब 190 करोड़ रुपये)

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला कंपनियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि कर्मचारियों की स्वास्थ्य जरूरतों को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम ला सकता है। यह मामला सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि एक संवेदनशील चेतावनी है की कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देना हर संस्था की जिम्मेदारी है।

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