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चीनी के बाद प्याज ने रुलाया, 3 महीने में 82% से ज्यादा बढ़े दाम

by | Sep 21, 2026 | Trending

Onion Price Hike: चीनी की बढ़ती कीमतों के बाद अब प्याज ने भी आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्याज की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। मंडियों में प्याज का भाव 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। वहीं, बिग बास्केट और ब्लिंकिट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्याज 65 से 68 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते करीब साढ़े तीन महीनों में प्याज की खुदरा कीमत में 82 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। जून में प्याज करीब 29 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, जबकि सितंबर के मध्य तक इसका खुदरा भाव 53 से 55 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। थोक बाजार में भी प्याज की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। जून में प्याज का औसत थोक भाव करीब 22.60 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो सितंबर के पहले सप्ताह में बढ़कर 46.20 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। यानी थोक बाजार में भी कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।

फसल को नुकसान और नई आवक में देरी

प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है, लेकिन गर्मी और बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके कारण बाजार में उपलब्ध प्याज का स्टॉक प्रभावित हुआ है। इसके अलावा खरीफ की नई फसल बाजार में आने में देरी हो रही है। पुराना स्टॉक कम होने और नई फसल की आवक में समय लगने से बाजार में आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। दूसरी ओर, त्योहारों का मौसम नजदीक आने के साथ प्याज की मांग भी बढ़ रही है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। कई जगहों से प्याज मंडियों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में पुरानी फसल के घटते स्टॉक और नई फसल की देरी ने कीमतों को और बढ़ा दिया है।

सरकार ने उठाए ये कदम

बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार की ओर से भी कदम उठाए जा रहे हैं। घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बफर स्टॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' चलाने का फैसला किया गया है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्यात से जुड़े कदम भी उठाए गए हैं। फिलहाल बाजार में प्याज की कीमतों में कुछ और समय तक तेजी बने रहने की संभावना बताई जा रही है। नई फसल की आवक शुरू होने के बाद आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।

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