OTT Content Monitoring RSS Panel: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहल शुरू की है। संघ ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर कथित ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ से निपटने के उपाय सुझाने के लिए एक पैनल बनाया है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस पैनल में शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं, जिनमें पूर्व कुलपति और संघ के प्रचारक भी शामिल हैं।
2 साल पहले भागवत ने जताई थी चिंता
दो साल पहले RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने OTT कंटेंट को ‘नैतिक पतन’ का कारण बताया था। अब संघ की ओर से बनाए गए पैनल की पहली बैठक पिछले महीने हुई है। RSS के एक सूत्र मीडिया को बताया कि पैनल OTT प्लेटफॉर्म्स पर कथित अश्लीलता से निपटने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करेगा। इसे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और केंद्र सरकार के अन्य संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, ताकि OTT कंटेंट को लेकर आगे की कार्रवाई पर सुझाव दिए जा सकें।
‘सेंसर बोर्ड जैसी व्यवस्था की जरूरत’
RSS के एक सूत्र के मुताबिक, संगठन का मानना है कि OTT पर कथित ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ से निपटने के लिए सेंसर बोर्ड जैसी किसी व्यवस्था की जरूरत है। सूत्र ने कहा कि OTT कंटेंट का असर परिवारों और खासकर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। वहीं, एक अन्य सूत्र के मुताबिक पैनल की ओर से प्रस्ताव तैयार करने के लिए फिलहाल कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। प्रस्ताव तैयार करने से पहले कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ भी व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
भागवत पहले भी OTT कंटेंट पर जता चुके हैं चिंता
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 12 अक्टूबर 2024 को नागपुर में अपने वार्षिक विजयादशमी संबोधन के दौरान OTT कंटेंट को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि OTT प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जाने वाली कुछ चीजों पर कानून के जरिए लगाम लगाने की जरूरत है और इसे ‘नैतिक पतन’ के प्रमुख कारणों में से एक बताया था। अब RSS के सूत्रों के मुताबिक, OTT कंटेंट को लेकर पैनल बनाने का फैसला ‘कुटुंब प्रबोधन’ से मिले फीडबैक के आधार पर लिया गया है। ‘कुटुंब प्रबोधन’ का उद्देश्य पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देना, पीढ़ियों के बीच संबंध मजबूत करना और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है।

