Asian Hockey Champions Trophy 2026: भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी को लेकर नया विवाद सामने आया है। 27 अक्टूबर से भारत में होने वाली एशियन हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने टूर्नामेंट को भारत से बाहर कराने या पाकिस्तान के सभी मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर कराने की मांग की है।
सुरक्षा चिंताओं का हवाला
PHF अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने कहा कि मौजूदा हालात और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह मांग की गई है, ताकि खिलाड़ियों और स्टाफ को सुरक्षित माहौल मिल सके। हालांकि, उन्होंने कहा कि फेडरेशन खेल को राजनीति से अलग रखते हुए भारत समेत सभी टीमों के खिलाफ खेलने को तैयार है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले ही कह चुके हैं कि मल्टीनेशनल टूर्नामेंटों में कोई समस्या नहीं है और पाकिस्तान की टीम भारत में खेल सकती है। भारत की नीति के तहत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज पर रोक है, लेकिन ओलंपिक चार्टर के अनुसार बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के भारत आने पर प्रतिबंध नहीं है।
हॉकी इंडिया का क्या कहना है?
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि दोनों हॉकी फेडरेशनों के रिश्ते अच्छे हैं और खिलाड़ी एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। पाकिस्तान इससे पहले बिहार में हुए एशिया कप और तमिलनाडु में जूनियर मेंस हॉकी वर्ल्ड कप से हट चुका है। यह तीसरी ऐसी स्थिति है। इस बार भी समाधान नहीं निकला तो ओमान या बांग्लादेश जैसी रिजर्व टीमों को मौका मिल सकता है।
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