भारत में इस समय BRICS Summit 2026 को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इसी बीच एक और प्रमुख शख्सियत अपनी भारत यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। यह नाम है प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का।
रहीम आगा खान पंचम शिया इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम हैं। वह आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क यानी AKDN के चेयरमैन भी हैं। फरवरी 2025 में अपने पिता प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ के निधन के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी।
उनका भारत दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 50वें इमाम के रूप में उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की।
कौन हैं प्रिंस रहीम आगा खान?
प्रिंस रहीम आगा खान का पूरा नाम प्रिंस रहीम अल-हुसैनी आगा खान पंचम है। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1971 को हुआ था। वह दिवंगत प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ के सबसे बड़े बेटे हैं।
फरवरी 2025 में अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में उन्हें शिया इस्माइली मुसलमानों का 50वां वंशानुगत इमाम घोषित किया गया। इस्माइली परंपरा के अनुसार, इमाम आध्यात्मिक नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं।
इस्माइली इमामत की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आगा खान को पैगंबर मोहम्मद के वंश से जुड़ा माना जाता है। इस समुदाय के अनुयायी दुनिया के 35 से ज्यादा देशों में रहते हैं और उनकी संख्या करीब 1.2 से 1.5 करोड़ बताई जाती है।
बिना देश के भी क्यों कहलाते हैं प्रिंस?
आगा खान के पास किसी आधुनिक देश की सत्ता या पारंपरिक सल्तनत नहीं है। इसके बावजूद उन्हें ‘प्रिंस’ की उपाधि उनके ऐतिहासिक शाही वंश और परंपरा के कारण मिली है।
आगा खान की उपाधि 1818 में फारस के शाह की ओर से तत्कालीन इस्माइली इमाम को दी गई थी। इसके बाद यह उपाधि उनके उत्तराधिकारियों के साथ चलती रही।
इसलिए उन्हें किसी देश के राजा या सुल्तान के रूप में समझना सही नहीं होगा। उनकी प्रमुख भूमिका धार्मिक नेतृत्व और सामाजिक विकास से जुड़ी है।
AKDN के जरिए दुनिया भर में काम
प्रिंस रहीम आगा खान सिर्फ धार्मिक नेतृत्व तक सीमित नहीं हैं। वह Aga Khan Development Network के चेयरमैन भी हैं।
AKDN स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, शहरी विकास और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में काम करता है। भारत में भी नेटवर्क की कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मुलाकात में भारत में AKDN के जल एवं स्वच्छता, शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य, शहरी विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कामों का विशेष उल्लेख किया गया।
भारत क्यों आए हैं आगा खान?
प्रिंस रहीम आगा खान 9 सितंबर को भारत पहुंचे और 15 सितंबर तक देश में रहने का कार्यक्रम है। यह उनके 50वें इमाम बनने के बाद भारत का पहला आधिकारिक दौरा है।
उनकी यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य भारत और AKDN के बीच विकास सहयोग को आगे बढ़ाना है। इस दौरान स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, युवा और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है।
उनका कार्यक्रम दिल्ली तक सीमित नहीं है। वह अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद भी जाने वाले हैं। इन शहरों में AKDN की विभिन्न विकास और सामुदायिक पहलें हैं।
हुमायूं के मकबरे से भी है खास रिश्ता
आगा खान परिवार और भारत के बीच लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के संरक्षण और आसपास के क्षेत्र के विकास में आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
AKDN के अनुसार, हुमायूं के मकबरे से जुड़े संरक्षण प्रोजेक्ट में ऐतिहासिक परिसर के साथ 36 हेक्टेयर क्षेत्र के विकास, स्कूलों और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार तथा पानी और कचरा प्रबंधन जैसे काम शामिल रहे हैं।
अमेरिकी मॉडल केंद्रा स्पीयर्स से की थी शादी
प्रिंस रहीम आगा खान की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही है। उन्होंने 2013 में अमेरिकी फैशन मॉडल केंद्र स्पीयर्स से शादी की थी।
शादी के बाद केंद्रा स्पीयर्स ने ‘प्रिंसेस सलवा आगा खान’ नाम अपनाया। दोनों के दो बेटे हैं। आधिकारिक इस्माइली जीवनी में भी प्रिंस रहीम के दो बेटों, प्रिंस इरफान और प्रिंस सिनान का उल्लेख है।
हालांकि, दोनों का रिश्ता लंबे समय तक नहीं चला। 2022 में उनका तलाक हो गया।
क्या आगा खान को लोग ‘हीलर’ या मसीहा मानते हैं?
यह समझना जरूरी है कि ‘हीलर’ या ‘मसीहा’ कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। इस्माइली समुदाय में इमाम को आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में माना जाता है।
उनके अनुयायियों की धार्मिक आस्था में इमाम की महत्वपूर्ण आध्यात्मिक भूमिका होती है। इसी वजह से कुछ लोग उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शन और समुदाय के लिए किए जाने वाले कामों को उपचार या उम्मीद से जोड़कर देखते हैं।
दूसरी ओर, AKDN के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े कामों के कारण भी आगा खान संस्थाओं का मानवीय कार्यों से मजबूत जुड़ाव है। इसलिए ‘हीलर’ शब्द को धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा के संदर्भ में समझना ज्यादा उचित है।
पीएम मोदी और अमित शाह से हुई मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान प्रिंस रहीम आगा खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने AKDN और भारत के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।
बातचीत में स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, युवा सशक्तिकरण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे।
गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में सामाजिक विकास, सिंचाई, सहकारिता, प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इस तरह प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का मौजूदा भारत दौरा धार्मिक समुदाय से जुड़ी यात्रा के साथ-साथ भारत और AKDN के बीच विकास साझेदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

