Friday, Sep 25

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News India 24×7 के मंच से पुष्पा रावत की अपील,कहा-बदलते दौर में इसलिए भी जरूरी महिलाओं को शिक्षित होना

News India 24×7 के विशेष कार्यक्रम ज्ञानोदय प्रदेश कॉन्क्लेव 2025 में समाजसेवी पुष्पा रावत ने महिलाओं की शिक्षा, समाज की सोच और बदलते दौर की चुनौतियों पर अपनी राय रखी.

जरूरी है महिलाओं का शिक्षित होना

पुष्पा रावत ने कहा कि आज के समय में महिलाओं का शिक्षित होना केवल उनकी व्यक्तिगत प्रगति के लिए ही नहीं,बल्कि पूरे समाज की उन्नति के लिए जरूरी है. आज भी कुछ लोग महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकना चाहते हैं,लेकिन अब समय बदल रहा है. शिक्षित समाज ही महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने का प्रोत्साहन देता है.

पुष्पा रावत ने साझा किए अपने अनुभव

इस दौरान पुष्पा रावत ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 1987 में केंद्रीय विद्यालय से नौकरी छोड़ने के बाद शिक्षा क्षेत्र में कदम रखा. वर्ष 1988 में केवल 13 बच्चों के साथ एक छोटे से प्लेवे स्कूल की शुरुआत की,जो आज एसबीएन गर्ल्स डिग्री कॉलेज और सीबीएसई सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में स्थापित है. उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से धेय रहा है कि बेटियों को न्यूनतम शुल्क या निशुल्क शिक्षा दी जाए.

परिवार और समाज मिलकर बेटियों की शिक्षा पर जोर दें

उन्होंने जोर देकर कहा कि बेटी जब पढ़ती है तो केवल एक परिवार नहीं, बल्कि तीन परिवारों को संवारती है. बेटियों को बेड़ियों में बांधने वालों को समझाना और उन्हें शिक्षा की रोशनी तक पहुंचाना ही हमारा मिशन है. अगर परिवार और समाज मिलकर बेटियों की शिक्षा पर जोर दें, तो आने वाले समय में न केवल महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि पूरा देश प्रगति की नई ऊँचाइयों को छुएगा.

मोबाइल और तकनीक पर भी चर्चा

कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि आज के दौर में मोबाइल और तकनीक बच्चों की मानसिकता पर गहरा असर डाल रहे हैं. इस पर अपनी राय रखते हुए पुष्पा रावत ने कहा कि मोबाइल फोन बच्चों की शिक्षा और विकास का साधन बन सकता है, बशर्ते उन्हें सही मार्गदर्शन और अच्छे संस्कार दिए जाएं. घर से बच्चों को संस्कार मिलते हैं, लेकिन समाज और शिक्षा संस्थानों की भूमिका भी उतनी ही अहम है. अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को तकनीक उपलब्ध कराएं, लेकिन साथ ही जिम्मेदारी और मर्यादा का ज्ञान भी दें.

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