छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल पर रील देखते समय इंटरनेट बंद होने से नाराज एक महिला ने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर कोरबा जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामला करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव का है। मृतका की पहचान मंगलो बाई के रूप में हुई है। पुलिस और परिजनों के मुताबिक, घटना के समय मंगलो बाई मोबाइल पर रील देख रही थीं। इसी दौरान इंटरनेट का नेटवर्क चला गया, जिसके बाद वह काफी नाराज हो गईं।
पहले मोबाइल पटका, फिर कमरे में चली गईं
बताया जा रहा है कि इंटरनेट बंद होने से गुस्से में मंगलो बाई ने मोबाइल पटक दिया। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गईं और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं। इस दौरान परिजनों को उल्टी से कीटनाशक जैसी तेज गंध महसूस हुई। इसके बाद उन्हें समझ आया कि महिला ने कीटनाशक का सेवन कर लिया है।
परिजन बिना देर किए उन्हें करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
गंभीर हालत में जिला अस्पताल किया गया रेफर
स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कोरबा जिला अस्पताल भेज दिया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। कोरबा के सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, मंगलो बाई केराकछार गांव की रहने वाली थीं और उन्होंने कीटनाशक का सेवन किया था।
पुलिस कर रही घटना के कारणों की जांच
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला मोबाइल पर रील देख रही थीं और इसी दौरान इंटरनेट बंद हो गया था। नेटवर्क नहीं चलने से वह नाराज हुईं और इसके बाद उन्होंने कीटनाशक का सेवन कर लिया।
हालांकि, पुलिस घटना के पीछे की पूरी वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बीमारी से भी परेशान थीं मंगलो बाई
परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया कि मंगलो बाई पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। उनके हाथ-पैर में सूजन रहती थी और इसके लिए उनका इलाज भी चल रहा था।
परिजनों के अनुसार, इलाज के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उनकी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का घटना पर कोई असर था या नहीं।
मोबाइल की बढ़ती लत पर भी उठे सवाल
घटना के बाद मोबाइल और इंटरनेट के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। मनोवैज्ञानिक डॉक्टर अंकित गुप्ता के मुताबिक, लगातार मोबाइल में व्यस्त रहना और इंटरनेट या किसी दूसरी गतिविधि के अचानक रुकने पर अत्यधिक गुस्सा या बेचैनी महसूस करना चिंता का संकेत हो सकता है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के व्यवहार के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और मानसिक स्थिति का सही आकलन विशेषज्ञ ही कर सकते हैं। डॉक्टर ने बच्चों और युवाओं समेत सभी लोगों को मोबाइल का सीमित इस्तेमाल करने और परिवार, खेलकूद व सामाजिक गतिविधियों के लिए समय निकालने की सलाह दी है।
पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को समझने की कोशिश में जुटी है।

