Revanth Reddy Arya Dravid Statement: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक आस्थाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में बीजेपी की सफलता में भगवान राम से जुड़ी भावनाओं की भी भूमिका रही है। रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उत्तर भारत के लोगों की आस्था से जुड़े भगवान राम को “चुरा लिया”, जबकि दक्षिण भारत में भगवान शिव की पूजा अधिक प्रचलित है।
‘हम द्रविड़ हैं, शिव के भक्त हैं’
दिल्ली में एक मीडिया संस्थान के कॉन्क्लेव में रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस के दक्षिण और उत्तर भारत में चुनावी प्रदर्शन पर बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दक्षिण भारत में सफल रही है, लेकिन उत्तर भारतीय राज्यों में उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसी दौरान उन्होंने कहा, “हम द्रविड़ हैं... हम शिव के भक्त हैं और ये लोग भगवान राम के भक्त हैं। बीजेपी ने राम को चुरा लिया है।” यह टिप्पणी उन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक और धार्मिक पहचान के संदर्भ में की।
‘जय श्री राम’ के नारों पर उठाया सवाल
रेवंत रेड्डी ने बीजेपी की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए भगवान राम को लोगों की आस्था और भावना से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के मंचों पर अक्सर ‘जय श्री राम’ के नारे सुनाई देते हैं, लेकिन ‘हर हर महादेव’ का उद्घोष कम सुनाई देता है। रेड्डी ने अपने बयान में राम और शिव से जुड़ी धार्मिक आस्थाओं का जिक्र करते हुए बीजेपी की राजनीति पर सवाल उठाया।
‘दक्षिण में कांग्रेस, उत्तर में बीजेपी’
रेवंत रेड्डी ने उत्तर और दक्षिण भारत के राजनीतिक समीकरणों की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस दक्षिणी राज्यों में मजबूत है, जबकि उत्तर भारत में बीजेपी को अधिक चुनावी सफलता मिली है। उन्होंने इसके पीछे दोनों क्षेत्रों की अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को भी एक वजह बताया। उनके बयान में ‘आर्य’ और ‘द्रविड़’ पहचान का जिक्र भी खासा अहम रहा। उत्तर-दक्षिण की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान को लेकर देश में लंबे समय से बहस होती रही है और इस पर राजनीतिक दलों के नेताओं के अलग-अलग मत रहे हैं।
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