Friday, Sep 25

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तेजस्वी यादव के दावे पर सम्राट चौधरी का कटाक्ष, कहा-अपना नाम तक नहीं खोज पा रहे, फिर कैसे करेंगे…

Samrat Chaudhary : बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है. इस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर तेजस्वी यादव मतदाता सूची में अपना नाम नहीं खोज सकते,तो उनकी योग्यता पर न सिर्फ उन्हें बल्कि पूरे बिहार को संदेह होना स्वाभाविक है.

संवैधानिक संस्था को बदनाम करने की कोशिश

सम्राट चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा मतदाता सूची को लेकर दिया गया बयान पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को बदनाम करने वाला है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को संदेह के घेरे में ला रहे हैं.

 

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर पूरा विश्वास रखती है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे जनता को गुमराह करने के बजाय तथ्यों पर आधारित संवाद करें और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करें.

क्या है मामला

दरअसल, तेजस्वी यादव ने हाल ही में मीडिया के सामने दावा किया कि उनका नाम नई मतदाता सूची से हटा दिया गया है. उन्होंने आयोग के मोबाइल ऐप पर अपना ईपिक (EPIC) नंबर दर्ज किया, लेकिन वहां “रिकॉर्ड नॉट फाउंड” लिखा आया. इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मेरा नाम हट सकता है तो बिहार के लाखों गरीबों का नाम भी जरूर काटा गया होगा. साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग को गोदी आयोग बताते हुए उस पर पक्षपात का आरोप भी लगाया.

चुनाव आयोग ने जारी किया स्पष्टीकरण

इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए तेजस्वी यादव का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में होने का प्रमाण पेश किया. जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जारी प्रारूप मतदाता सूची में क्रम संख्या 416 पर दर्ज है. उनका मतदान केंद्र बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन (केंद्र संख्या 204) बताया गया है, जिसमें उनका नाम और फोटो स्पष्ट रूप से दर्ज है.