बिहार के नवादा जिले की रहने वाली सोनाली कुमारी ने अपनी मेहनत और सही करियर प्लानिंग के दम पर शानदार सफलता हासिल की है। बेहतर शिक्षा की तलाश में करीब 200 किलोमीटर दूर समस्तीपुर पहुंचीं सोनाली ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा से MBA इन एग्री बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की।
दो साल का MBA कोर्स पूरा करने के बाद सोनाली का चयन सुधा से जुड़ी नौकरी के लिए हुआ है। उन्हें करीब ₹8.50 लाख सालाना का पैकेज मिला है। फिलहाल उनकी नौकरी की लोकेशन मुजफ्फरपुर बताई गई है।
सोनाली की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदारों के साथ विश्वविद्यालय परिवार में भी खुशी का माहौल है।
नवादा से समस्तीपुर तक तय किया 200 किलोमीटर का सफर
सोनाली मूल रूप से नवादा जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने अपने करियर को बेहतर दिशा देने के लिए घर से करीब 200 किलोमीटर दूर समस्तीपुर का रुख किया।
पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में उन्होंने एग्री बिजनेस मैनेजमेंट से जुड़े MBA पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। वर्ष 2024 में शुरू हुई उनकी पढ़ाई 2026 में नौकरी के अवसर के साथ एक नए पड़ाव पर पहुंची।
उनका लक्ष्य था कि पढ़ाई के साथ ऐसा कौशल और अनुभव हासिल किया जाए, जिससे आगे अच्छे करियर के अवसर मिल सकें।
तीसरे सेमेस्टर से शुरू हो जाती है प्लेसमेंट की तैयारी
सोनाली के मुताबिक, उनके कोर्स में प्लेसमेंट की प्रक्रिया पहले से ही व्यवस्थित तरीके से शुरू कर दी जाती है। विद्यार्थियों के तीसरे सेमेस्टर में पहुंचते ही प्लेसमेंट की तैयारी और प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
इसके बाद चौथे सेमेस्टर तक विद्यार्थियों को नौकरी के अवसर मिलते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत सोनाली का चयन सुधा से जुड़ी नौकरी के लिए हुआ।
उन्हें इस नौकरी में करीब 8 लाख 50 हजार रुपये प्रति वर्ष का पैकेज मिला है।
कृषि क्षेत्र में करियर बनाने की मिली सलाह
सोनाली ने एग्री बिजनेस मैनेजमेंट को अपना करियर क्षेत्र बनाने का फैसला किया। उनका कहना है कि कृषि से जुड़ा सेक्टर भविष्य में भी रोजगार और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
उन्हें कृषि क्षेत्र में पढ़ाई करने की सलाह अपने परिचितों से मिली थी। इसके बाद उन्होंने इस क्षेत्र को समझा और एग्री बिजनेस मैनेजमेंट में MBA करने का फैसला लिया।
उनके मुताबिक, इस सेक्टर में अच्छे करियर विकल्पों के साथ बेहतर सैलरी के अवसर भी मौजूद हैं।
मुजफ्फरपुर में मिलेगी नौकरी
MBA पूरा करने के बाद सोनाली अब अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करने जा रही हैं। उनकी नौकरी की लोकेशन मुजफ्फरपुर मिली है।
परिवार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सोनाली ने घर से दूर जाकर पढ़ाई की और उसी शिक्षा के दौरान अपने लिए नौकरी का रास्ता तैयार किया।
उनकी बड़ी बहन सरकारी शिक्षिका हैं। सोनाली ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य उनकी सफलता से बेहद खुश हैं।
आत्मनिर्भर बनने के लिए ज्ञान और अनुभव जरूरी
सोनाली का मानना है कि हर व्यक्ति के लिए आत्मनिर्भर होना जरूरी है। हालांकि उनके मुताबिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सिर्फ नौकरी मिलना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी हैं।
इसी वजह से फिलहाल सोनाली नौकरी के जरिए अपने क्षेत्र में अनुभव हासिल करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में काम करके अपने अनुभव को मजबूत करना है।
पांच साल के अनुभव के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी
सोनाली की योजना आगे चलकर बिहार सरकार से जुड़ी नौकरी के अवसर तलाशने की भी है। उन्होंने बताया कि वह पहले करीब पांच साल तक काम करके अनुभव हासिल करना चाहती हैं।
इसके बाद वह सरकारी क्षेत्र में करियर बनाने की संभावनाओं पर काम कर सकती हैं। फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपनी पहली नौकरी में सीखने और बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
दूर जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बनीं मिसाल
सोनाली कुमारी की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसरों की तलाश में अपने घर से दूर जाने का फैसला करते हैं।
नवादा से करीब 200 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करना, MBA पूरा करना और फिर उसी शिक्षा के दम पर ₹8.5 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी हासिल करना उनके सफर की बड़ी उपलब्धि है।
सोनाली ने दिखाया है कि अगर करियर को लेकर सही दिशा तय की जाए और लगातार मेहनत की जाए, तो छोटे शहर और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले विद्यार्थी भी बड़े अवसर हासिल कर सकते हैं।

