Friday, Sep 25

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‘वादा निभाया होता तो लद्दाख में हिंसा नहीं होती’, सोनम वांगचुक ने अमित शाह से मांगा इस्तीफा

Sonam Wangchuk Ladakh Violence: लद्दाख के लेह में हुई हिंसा और पुलिस गोलीबारी को एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। वांगचुक ने लेह में चार नागरिकों की मौत का जिक्र करते हुए घटना के लिए शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने लद्दाख से किए गए वादे पूरे किए होते तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।

20 किमी पदयात्रा के बाद अमित शाह के इस्तीफे की मांग

पिछले साल 24 सितंबर को मारे गए चार लद्दाखियों की याद में सोनम वांगचुक ने 20 किलोमीटर की पदयात्रा की। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की। वांगचुक ने घटना में हुई मौतों की जिम्मेदारी लेने की बात कही और लद्दाख में हुई हिंसा के लिए शाह को जिम्मेदार ठहराया।

चार लोगों की मौत के विरोध में लद्दाख बंद

पिछले साल पुलिस कार्रवाई में चार स्थानीय लोगों की मौत के विरोध में गुरुवार को पूरे लद्दाख में बंद रहा। इस दौरान सोनम वांगचुक ने अपने संबोधन में लद्दाख के लोगों की देश के लिए योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये लोग बिना वर्दी पहने देश के लिए लड़ते हैं, लेकिन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हुए हैं।

‘छह साल तक शांतिपूर्ण रहा आंदोलन’, वांगचुक ने उठाया सवाल

सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख का आंदोलन छह साल तक शांतिपूर्ण रहा, ऐसे में सवाल उठता है कि हिंसा क्यों हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 2020 के चुनावी घोषणापत्र में छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा देने का वादा किया था, लेकिन बाद में इससे पीछे हट गई। वांगचुक के मुताबिक, वादे याद दिलाने पर युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।