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95.7% अंक के बाद भी नहीं मिला पसंदीदा कॉलेज, 17 वर्षीय छात्र की मौत

by | Sep 8, 2026 | देश

महाराष्ट्र के ठाणे में 12वीं के छात्र की मौत का दुखद मामला सामने आया है। छात्र ने बोर्ड परीक्षा में 95.7 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वह भारतीय इंजीनियरिंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IIEST), शिबपुर में दाखिला लेना चाहता था।

पुलिस के मुताबिक, मनचाहे संस्थान में सीट नहीं मिलने से छात्र काफी निराश था। घटना से पहले उसने परिवार के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक संदेश भी भेजा था। इसके बाद परिवार ने पुलिस की मदद से उसकी तलाश शुरू की।

12वीं में मिले थे 95.7 प्रतिशत अंक

17 वर्षीय छात्र ठाणे के घोड़बंदर रोड स्थित हिरानंदानी एस्टेट में परिवार के साथ रहता था। उसने हाल ही में 12वीं की विज्ञान स्ट्रीम की परीक्षा पास की थी।

छात्र के 95.7 प्रतिशत अंक आए थे। इसके बाद उसने IIEST शिबपुर में बीएस-एमएस ड्यूल डिग्री कोर्स में दाखिले की तैयारी की।

हालांकि, प्रवेश प्रक्रिया में उसकी रैंक 10,474 आई। इस वजह से उसे पसंदीदा संस्थान में सीट नहीं मिल सकी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद वह काफी परेशान रहने लगा था।

घर से साइकिल लेकर निकला था छात्र

पुलिस के मुताबिक, 4 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे छात्र साइकिल चलाने की बात कहकर घर से निकला था।

करीब 8:15 बजे उसने परिवार के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक संदेश भेजा। इस संदेश से परिवार को उसके बेहद परेशान होने का पता चला।

इसके बाद परिजनों ने उसका मोबाइल फोन मिलाने की कोशिश की। फोन बंद मिलने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

तलाश के बाद गंभीर हालत में मिला

सूचना मिलते ही पुलिस और परिवार के लोग छात्र की तलाश में जुट गए। कुछ समय बाद वह आवासीय परिसर के पास गंभीर हालत में मिला।

पुलिस के अनुसार, छात्र ने कथित तौर पर इमारत की 22वीं मंजिल के रिफ्यूज एरिया से छलांग लगाई थी। उसे तुरंत ठाणे के सिविल अस्पताल ले जाया गया।

हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार ने किसी साजिश से किया इनकार

पुलिस ने बताया कि छात्र के परिवार ने किसी साजिश की आशंका नहीं जताई है। परिवार के अनुसार, पढ़ाई और पसंदीदा कॉलेज में दाखिला नहीं मिलने को लेकर वह निराश था।

पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

पढ़ाई के दबाव को लेकर फिर उठे सवाल

इस घटना ने अच्छे अंकों और करियर को लेकर बढ़ते दबाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 95.7 प्रतिशत जैसे शानदार अंक हासिल करने के बावजूद छात्र अपनी पसंद के संस्थान में दाखिला नहीं ले सका।

ऐसी घटनाएं बताती हैं कि परीक्षा और दाखिले से जुड़ा तनाव छात्रों पर कितना भारी पड़ सकता है। परिवार और शिक्षण संस्थानों के लिए छात्रों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देना भी जरूरी है।