मुंबई से सटे ठाणे के कल्याण में पुलिस ने ATM के जरिए लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी ATM मशीन के कार्ड स्लॉट में फेविक्विक लगा देते थे।
इसके बाद जब किसी व्यक्ति का ATM कार्ड मशीन में फंस जाता था, तो गैंग के सदस्य मदद करने के बहाने उसके पास पहुंचते थे। इसी दौरान वे ATM पिन हासिल कर ठगी की कोशिश करते थे।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को पहले पकड़ा गया था, जबकि उसकी निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों को पटना एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया गया।
ATM में फेविक्विक लगाकर करते थे ठगी
मामला ठाणे के कल्याण ईस्ट के कोलसेवाड़ी इलाके का है। पुलिस को एक ATM सेंटर पर धोखाधड़ी की कोशिश की शिकायत मिली थी।
जांच के दौरान पुलिस ने राजेश कुमार यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि इस गिरोह में तीन और लोग शामिल हैं।
पुलिस को जानकारी मिली कि बाकी आरोपी भिवंडी के कोंगाओ इलाके में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस की टीम तुरंत वहां पहुंची।
पटना एक्सप्रेस में सवार हो गए आरोपी
पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही तीनों आरोपी बिहार जाने के लिए पटना एक्सप्रेस में सवार हो चुके थे।
जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली, टीम कल्याण रेलवे स्टेशन पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने तक ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ट्रेन का पीछा किया और उसमें सवार हो गए। टीम ने ट्रेन के अंदर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
आखिरकार, कसारा रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार
गिरोह का एक सदस्य ATM सेंटर पर ग्राहक का इंतजार करता था। जैसे ही कोई व्यक्ति ATM का इस्तेमाल करता, आरोपी कार्ड डालने वाले स्लॉट में फेविक्विक लगा देता था।
इससे ATM कार्ड मशीन के अंदर फंस जाता था।
इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य मदद करने के बहाने ग्राहक के पास पहुंचता था। वह व्यक्ति से कहता था कि ATM पिन दोबारा डालकर देखें।
पिन हासिल करने का बनाते थे बहाना
आरोपी ग्राहक से कथित तौर पर कई बार ATM पिन डालने के लिए कहते थे। कार्ड मशीन में फंसा होने के कारण पैसे नहीं निकलते थे।
इसके बाद आरोपी ग्राहक को एक मोबाइल नंबर पर कॉल करने के लिए कहते थे। पुलिस के मुताबिक, दिया गया नंबर गिरोह के ही किसी सदस्य का होता था।
इस तरह आरोपी ग्राहक का ATM पिन हासिल करने और बाद में कार्ड निकालकर उसका गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करते थे।
पुलिस कर रही है पुराने मामलों की जांच
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह से जुड़े दूसरे मामलों की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरीके से कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
इसके अलावा पीड़ितों के बैंक खातों से कितनी रकम निकाली गई, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के काम करने के तरीके और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

