Uttar Pradesh: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में हुक्का बार पर रोक से जुड़ी 80 याचिकाएं खारिज कर दी हैं। ये याचिकाएं लखनऊ पुलिस की बिना लाइसेंस चल रहे हुक्का बार के खिलाफ कार्रवाई को चुनौती देते हुए दाखिल की गई थीं। इनमें विभूति खंड स्थित फैशन टीवी कैफे समेत 80 संचालक शामिल थे।
रेस्टोरेंट और सेल्फ सर्विस की दलील भी खारिज
जस्टिस शेखर बी. सर्राफ और जस्टिस अबधेश कुमार चौधरी की डबल बेंच ने सभी मामलों पर एक साथ सुनवाई की। संचालकों ने दलील दी कि वे रेस्टोरेंट के भीतर हुक्का उपलब्ध कराते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रेस्टोरेंट की आड़ में बनाए गए निर्धारित स्मोकिंग एरिया में भी हुक्का सर्विस नहीं दी जा सकती। सेल्फ सर्विस के नाम पर हुक्का देने की दलील भी कोर्ट ने स्वीकार नहीं की।
किराये पर हुक्का देने की दलील भी नहीं मानी
संचालकों ने कहा कि हुक्का ग्राहकों को किराये पर दिया जाता है। कोर्ट ने इसे भी खारिज करते हुए कार का उदाहरण दिया और कहा कि किसी को कार देने के बाद उसके इस्तेमाल पर नियंत्रण नहीं रहता, उसी तरह हुक्का इस्तेमाल करने वाले पर नियंत्रण संभव नहीं है। कोर्ट ने कहा कि गैर-धूम्रपान करने वालों को स्वच्छ हवा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। आदेश में COTPA के तहत पुलिस की कार्रवाई की शक्तियां बरकरार रखी गई हैं। कोर्ट ने आदेश की प्रति मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजने का निर्देश दिया है।
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