प्रयागराज में प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी 11,508 पदों की प्रस्तावित भर्ती से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में 60 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। ऐसे में भर्ती भी उसी हिसाब से होनी चाहिए।
अभ्यर्थियों का दावा है कि पिछले कई वर्षों से शिक्षक भर्ती का इंतजार किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पहले 17 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की बात कही गई थी। अब पद बढ़ने के बजाय कम होने की चर्चा है। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रयागराज में जुटे हैं।
60 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की मांग
प्रयागराज में आंदोलन कर रहे एक अभ्यर्थी ने कहा कि वे 5 सितंबर से शांतिपूर्ण धरना और अनशन कर रहे थे। उनके मुताबिक, देर रात पुलिस ने कार्रवाई की और प्रदर्शन स्थल से सामान हटा दिया गया।
अभ्यर्थी का कहना है कि कुछ साथियों को भी पुलिस अपने साथ ले गई। इसके बावजूद आंदोलन खत्म करने का फैसला नहीं लिया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्राथमिक शिक्षकों के 60 हजार से ज्यादा पदों पर नया भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए।
'11 हजार में कोई दम नहीं'
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी लगातार नारे लगाते भी नजर आए। इनमें '11,508 में कोई दम नहीं, 60 हजार से कम नहीं' का नारा प्रमुख रहा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि करीब पांच साल पहले 17 हजार से ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती की घोषणा की गई थी। हालांकि, उनके मुताबिक उस भर्ती को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
अब करीब 11 हजार पदों पर भर्ती की बात सामने आ रही है। अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब प्रदेश में हजारों पद खाली हैं, तो सभी पदों को भरने की प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की जा रही है।
डोमिसाइल और माइनस मार्किंग हटाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग की है। इसमें डोमिसाइल की शर्त हटाने और माइनस मार्किंग खत्म करने की मांग शामिल है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, पहले परीक्षा में 150 सवाल होते थे। अब 120 सवालों के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया जा रहा है। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को अभ्यर्थियों के हित में बेहतर किया जाना चाहिए।
लाखों अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती का इंतजार
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले करीब छह साल से नियमित भर्ती नहीं हुई है।
इस बीच यूपी टीईटी परीक्षा में 13 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के पास होने का दावा किया जा रहा है। ये अभ्यर्थी प्राथमिक और जूनियर स्तर की शिक्षक भर्ती के लिए पात्र हैं।
पहले से टीईटी पास कर चुके उम्मीदवार भी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में प्रदर्शनकारियों का अनुमान है कि भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की संख्या 15 से 20 लाख तक हो सकती है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इतने बड़े उम्मीदवार वर्ग के लिए सिर्फ 11 हजार पद पर्याप्त नहीं हैं। उनकी मांग है कि प्रदेश में खाली पड़े सभी प्राथमिक शिक्षक पदों को चिन्हित किया जाए। इसके बाद पर्याप्त संख्या में भर्ती का नया विज्ञापन जारी किया जाए।
फिलहाल प्रयागराज में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांगों पर क्या फैसला लेती है।

