Thursday, Sep 24

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UNGA में US-Iran के बीच बातचीत, युद्ध खत्म करने और हॉरमुज खोलने पर अहम चर्चा

US Iran Talks: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान न्यूयॉर्क में अमेरिका और ईरान के बीच घंटों बातचीत हुई। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि मध्यस्थ पूरे दिन दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच आते-जाते रहे और बातचीत का एक दौर पूरा हुआ, जिसे उन्होंने रचनात्मक और उम्मीद जगाने वाला बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे बैठक की और इसे “बहुत अच्छा” व “उत्पादक” बताया। बाद में व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ट्रंप बैठक में शामिल नहीं थे। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और विटकॉफ के बीच मुलाकात की पुष्टि की।

हॉरमुज को लेकर ईरान की शर्तें

ईरान ने बातचीत में स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को दोबारा खोलने से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता दी। ईरानी पक्ष के मुताबिक, इसके लिए अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियां जारी करना और उन मोर्चों पर युद्ध खत्म करना जरूरी है जिन्हें तेहरान “रेजिस्टेंस” फ्रंट कहता है। एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सैन्य दबाव और बंदरगाहों की नाकाबंदी हटने पर ईरान सात दिनों के भीतर हॉरमुज खोल सकता है।

कतर-पाकिस्तान समेत क्षेत्रीय देशों की पहल

अमेरिका-ईरान संपर्क के साथ क्षेत्रीय स्तर पर भी तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। कतर ने कहा कि वह पाकिस्तान के साथ मिलकर तनाव घटाने, हॉरमुज में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ाने पर काम कर रहा है। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने न्यूयॉर्क में अराघची से मुलाकात भी की। ओमान भी हॉरमुज में नौवहन को सुगम बनाने के लिए ईरान के साथ समुद्री व्यवस्था पर बातचीत कर चुका है। ट्रंप ने मंगलवार को खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), तुर्किये, जॉर्डन, सीरिया और इराक के नेताओं एवं वरिष्ठ अधिकारियों से भी ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान और खाड़ी देशों के बीच साझा सुरक्षा ढांचे से जुड़ा कतर का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ी कूटनीतिक हलचल

यह बातचीत ट्रंप के UNGA भाषण के कुछ घंटे बाद हुई। ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना के साथ सैन्य कार्रवाई बढ़ाने की चेतावनी भी दी थी। वहीं ईरान के सैन्य अधिकारियों ने उनके बयानों को “रणनीतिक कमजोरी” बताते हुए आगे हमले होने पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी। अमेरिका के अधिकारी लगातार बातचीत में प्रगति के संकेत देते रहे हैं, जबकि हॉरमुज खोलने को लेकर तेहरान की शर्तें अब भी कायम हैं।

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