US Russia Sanctions Bill: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 पर जल्द हस्ताक्षर कर सकते हैं। व्हाइट हाउस अधिकारी के हवाले से ANI ने यह जानकारी दी। अमेरिकी संसद के प्रतिनिधि सभा ने इसे 262-159 वोट से पारित किया, जबकि सीनेट अगस्त में 86-11 वोट से मंजूरी दे चुकी है।
भारत पर क्या असर?
बिल कानून बनने पर ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिलेगा। इसमें भारत भी शामिल हो सकता है। हालांकि, यह प्रावधान भारतीय सामान पर 100% टैरिफ अपने-आप लागू नहीं करता, बल्कि राष्ट्रपति को परिस्थितियों के आधार पर ऐसा करने का अधिकार देता है।
रूस के “शैडो फ्लीट” से जुड़े जहाज भी बिल के दायरे में हैं। वहीं, रूस के गैस निर्यात का 15% से कम आयात करने वाले देशों को आयात घटाने के ठोस प्रयासों के बाद छूट मिल सकती है।
भारत ने जताई चिंता
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रस्तावित कानून का असर भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। भारत ने अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है। मंत्रालय के अनुसार, इस मुद्दे पर हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों से उच्च स्तर पर चर्चा हुई है।
भारत ने दोहराया कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित है। देश विविध स्रोतों और बदलती बाजार परिस्थितियों के अनुसार ऊर्जा खरीद जारी रखेगा।
ईरान भी बिल के दायरे में
बिल में ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को पांच साल बढ़ाने का प्रावधान भी है। ट्रंप ने जुलाई में रूस प्रतिबंध बिल में ईरान को शामिल करने का समर्थन किया था।

