Alwar Nagar Nigam Mayor Election: राजस्थान के अलवर नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 65 वार्डों वाले नगर निगम में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। बीजेपी को 28, कांग्रेस को 23 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 13 सीटों पर जीत मिली। वहीं, एक वार्ड बहुजन समाज पार्टी के खाते में गया। मेयर बनाने के लिए 33 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। बीजेपी ने दावा किया है कि 9 निर्दलीय पार्षदों ने पार्टी को समर्थन दे दिया है। अगर यह दावा सही रहता है तो बीजेपी का आंकड़ा 37 तक पहुंच जाएगा, जो बहुमत के आंकड़े से चार ज्यादा है।
कांग्रेस भी समर्थन जुटाने में लगी
कांग्रेस की ओर से भी निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि उसके साथ करीब 8 पार्षद हैं। ऐसे में मेयर चुनाव से पहले दोनों दल अपने-अपने समर्थन का आंकड़ा मजबूत करने में जुटे हैं। बीजेपी की ओर से पूर्व सभापति अजय अग्रवाल की पत्नी सुमन लता अग्रवाल ने मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस की ओर से भी मेयर पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
14 सितंबर को आए थे नतीजे
अलवर नगर निगम के लिए 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था, जबकि 14 सितंबर को मतगणना हुई। नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई, लेकिन बहुमत से पांच सीट दूर रही। अब मेयर का चुनाव निर्दलीय पार्षदों के रुख पर काफी हद तक निर्भर है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि निर्दलीय पार्षदों ने शहर के विकास के मुद्दे पर पार्टी को समर्थन दिया है। हालांकि, अंतिम तस्वीर मेयर चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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