Tuesday, Sep 29

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BP की दवा सुबह लें या रात में? डॉक्टर ने बताया दवा की टाइमिंग का सच

BP Medicine Timing: ब्लड प्रेशर यानी BP आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। इसे कंट्रोल में रखने के लिए कई लोगों को लंबे समय तक रोजाना दवाएं लेनी पड़ती हैं। हालांकि, मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि BP की दवा सुबह लेना ज्यादा फायदेमंद है या रात में। कुछ लोग सुबह दवा लेना पसंद करते हैं और मानते हैं कि इससे पूरे दिन ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहेगा। वहीं, कुछ मरीज रात में दवा लेते हैं। ऐसे में दवा की सही टाइमिंग को लेकर भ्रम बना रहता है।

डॉक्टर ने बताया, सबसे जरूरी क्या है

दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉ. वरुण बंसल ने Aaj Tak को बताया कि BP की दवा के मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि मरीज दवा नियमित रूप से लें और बिना डॉक्टर की सलाह के उसे बंद न करें। डॉक्टर के मुताबिक, मरीज को अपनी दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना लेनी चाहिए। इसके साथ ही खानपान का ध्यान रखना और नियमित एक्सरसाइज करना भी जरूरी है।

सुबह लें या रात में, क्या फर्क पड़ता है

डॉ. वरुण बंसल के अनुसार, मरीज को इस बात को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है कि BP की दवा सुबह ली जाए या रात में। उनके मुताबिक, मेडिकल साइंस में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि दवा सुबह लेने पर ज्यादा फायदा होगा या रात में लेने पर कम असर होगा। उन्होंने बताया कि दवा के असर के मामले में सबसे जरूरी बात उसकी नियमितता है। मरीज को डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा रोजाना लेते रहना चाहिए और अपनी तरफ से उसकी टाइमिंग या खुराक में बदलाव नहीं करना चाहिए।

BP सामान्य आते ही दवा बंद करना सही नहीं

कई बार BP की दवा शुरू करने के बाद मरीजों को लगता है कि अब उनका ब्लड प्रेशर सामान्य हो गया है, इसलिए दवा की जरूरत नहीं है। इसके बाद कुछ लोग खुद से दवा बंद कर देते हैं या कभी-कभी दवा लेना छोड़ देते हैं। डॉक्टर के मुताबिक, ऐसा करना सही नहीं है। BP की दवा बिना डॉक्टर की सलाह के बंद करने से परेशानी हो सकती है।

दवा छोड़ने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा

BP को कंट्रोल में रखने के लिए दवा नियमित रूप से लेना जरूरी है। दवा बीच में छोड़ने से हार्ट पर दबाव पड़ सकता है और इससे हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक तक का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए अगर किसी मरीज को दवा लेने के समय, डोज या दवा बंद करने को लेकर कोई परेशानी या भ्रम है, तो उसे खुद फैसला लेने के बजाय अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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