Delhi PG Building Safety Survey: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG/हॉस्टल इमारत गिरने की घटना के बाद नगर निगम (MCD) ने राजधानी में PG इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू की है. 9 सितंबर 2026 तक के Tentative Survey में 1,226 PG इमारतों की जांच हो चुकी है. हालांकि, सर्वे अभी जारी है, इसलिए आंकड़े अंतिम नहीं हैं.
3 PG खतरनाक, 9 में बड़ी मरम्मत की जरूरत
MCD रिपोर्ट के अनुसार, जांची गई 1,226 इमारतों में 1,169 visibly safe मिलीं, जहां करीब 24,747 लोग रहते हैं. वहीं 39 PG में मामूली मरम्मत की जरूरत है और इनमें करीब 664 लोग रह रहे हैं. 9 इमारतों में व्यापक दुरुस्ती की जरूरत मिली, जहां करीब 140 लोग रहते हैं. 3 PG visibly dangerous पाई गईं, जिनमें 69 लोग रह रहे हैं. कुल मिलाकर इन इमारतों में करीब 25,620 लोग रहते हैं.
अलग-अलग जोन में क्या स्थिति मिली?
सिविल लाइंस: 450 PG की जांच में 442 सुरक्षित और 8 में मामूली मरम्मत की जरूरत मिली. G+4 से अधिक ऊंचाई वाली 19 फ्रेम्ड स्ट्रक्चर इमारतों में करीब 380 लोग रह रहे हैं.
केशव पुरम: 280 PG में 265 सुरक्षित, 10 में मामूली और 5 में बड़ी मरम्मत की जरूरत मिली. इन 5 इमारतों में करीब 36 लोग रहते हैं.
नरेला: 67 PG में 63 सुरक्षित और 4 में मामूली मरम्मत की जरूरत मिली. इनमें करीब 32 लोग रहते हैं.
नजफगढ़: 73 PG में 61 सुरक्षित, 10 में मामूली और 2 में बड़ी मरम्मत की जरूरत मिली. इन दो इमारतों में करीब 38 लोग रहते हैं.
साउथ जोन: 33 PG में 29 सुरक्षित, 1 में मामूली मरम्मत और 3 visibly dangerous मिलीं. इन तीनों में 69 लोग रहते हैं.
इन मानकों की हो रही जांच
सर्वे में बिल्डिंग प्लान की मंजूरी, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट, Occupancy Certificate, भवन का वैध इस्तेमाल, MPD नियमों का पालन, Regularisation और भवन में PG गतिविधि की अनुमति की जांच की जा रही है.
MCD मेयर ने क्या कहा?
संवाददाता सुशांत मेहरा से बातचीत में दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि सर्वे अभी जारी है. उनके मुताबिक दिल्ली में ज्यादातर PG रिहायशी कॉलोनियों में चलते हैं. ऐसे रिहायशी घरों में Fire NOC जरूरी नहीं होती, लेकिन कमर्शियल तरीके से PG चलाने वालों के लिए Fire NOC आवश्यक है.
आंकड़े अभी बदल सकते हैं
MCD की रिपोर्ट Tentative है और इसमें कई जगह “Survey still continue” लिखा है. इसलिए आगे PG और vulnerable/dangerous इमारतों की संख्या बदल सकती है.
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