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‘पूरी तरह बेबुनियाद’: ISRO के निजीकरण की खबरों पर स्पेस एजेंसी का जवाब

by | Sep 6, 2026 | News Featured, देश

ISRO Privatisation: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को उसके निजीकरण या भूमिका कम किए जाने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। यह स्पष्टीकरण कर्मचारी संगठनों की चिंताओं के सामने आने के कुछ दिन बाद आया है। ISRO ने कहा कि वह भारत में उन्नत अंतरिक्ष अनुसंधान, तकनीक विकास, राष्ट्रीय और रणनीतिक मिशनों तथा अंतरिक्ष विज्ञान एवं खोज का प्रमुख संस्थान बना रहेगा।

एजेंसी के मुताबिक निजी क्षेत्र की भागीदारी से उसकी अहमियत कम नहीं होगी, बल्कि ISRO अगली पीढ़ी की तकनीक और क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दे सकेगा। उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थानों को परिपक्व तकनीकों के विस्तार में शामिल किया जा रहा है। इसे निजीकरण नहीं, बल्कि अंतरिक्ष इकोसिस्टम के विस्तार के तौर पर देखा जाना चाहिए।

Space Vision 2047 पर फोकस

ISRO ने कहा कि यह बदलाव Space Vision 2047 का हिस्सा है, जिसमें 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन, 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना, पुन: उपयोग योग्य लॉन्च सिस्टम विकसित करना और चंद्रमा व अन्य ग्रहों की खोज शामिल है। रणनीतिक व राष्ट्रीय महत्व की क्षमताएं सुरक्षा और राष्ट्रीय हित के तहत ISRO के दायरे में रहेंगी।

कर्मचारियों ने मांगा था जवाब

4 सितंबर को नौ कर्मचारी संगठनों ने ISRO चेयरमैन एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव वी. नारायणन को पत्र लिखकर निजीकरण नीति, ISRO की भविष्य की भूमिका और कर्मचारियों व भर्ती पर संभावित असर को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। इनमें ISRO Staff Association, SHAR Employees Association, ISAC Employees Association, LPSC, BBU, NRSA, IPRC और SAC से जुड़े संगठन शामिल थे। संगठनों ने कहा था कि खबरों से कर्मचारियों और उनके परिवारों में चिंता पैदा हुई।

IN-SPACe चेयरमैन ने भी किया साफ

IN-SPACe चेयरमैन पवन गोयनका ने कहा कि ISRO की भूमिका कम नहीं हो रही और वह भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र की नींव बना रहेगा। उन्होंने कहा कि 2020 के बाद के सुधारों का उद्देश्य उद्योग को परिपक्व लॉन्च व्हीकल, सैटेलाइट और अन्य सिस्टम बनाने व बड़े स्तर पर उत्पादन में सक्षम करना है। गोयनका ने हाल में कहा था कि भविष्य में लॉन्च व्हीकल का निर्माण निजी क्षेत्र या PSU कर सकते हैं, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने स्पष्टीकरण मांगा था।

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