Jamui Victim Photo: बिहार के जमुई में नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के मामले में कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात आशुलिपिक सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने की शिकायत के बाद की है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शिकायत
सचिवालय थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, 25 सितंबर को जानकारी मिली कि जमुई घटना की पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई है। आरोप है कि पोस्ट को बाद में दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शेयर किया गया, जिससे पीड़िता से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हुई। जांच के दौरान सागर प्रसाद पर तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोप सामने आया। शिकायत में पोस्ट को आगे प्रसारित करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
केस में कई धाराओं का उल्लेख
दस्तावेज के मुताबिक, सचिवालय थाने में केस नंबर 200/26 दर्ज किया गया है। FIR में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 23 और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धाराओं 66(E) और 67 का उल्लेख किया गया है।
मुख्यमंत्री के हैंडल से भी हुई थी पोस्ट
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुई की पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से पीड़िता और उसके परिवार के साथ तस्वीर पोस्ट की गई, जिसे बाद में हटा दिया गया।
तेजस्वी यादव ने उठाए थे सवाल
तस्वीर को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती ने सवाल उठाए थे। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि तस्वीर के जरिए नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक हुई और पॉक्सो कानून के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। मीसा भारती ने भी बिहार पुलिस से मामले में FIR दर्ज करने की मांग की थी।
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